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हरियाणा में डॉक्टरी की आड़ में नशे का धंधा, पंजाब में सप्लाई से पहले युवक गिरफ्तार; 9600 नशीली गोलियां बरामद

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:43 PM (IST)

फतेहाबाद में एक व्यक्ति को डॉक्टरी की आड़ में पंजाब में नशीली गोलियों की सप्लाई करने से पहले 9600 गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया।

युवक नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार (जागरण फोटो)

युवक नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार (जागरण फोटो)

HighLights

  1. डॉक्टरी की आड़ में नशीली गोलियों की सप्लाई का भंडाफोड़।

  2. पंजाब में सप्लाई से पहले 9600 नशीली गोलियां जब्त।

  3. फतेहाबाद से पंजाब तक फैले नशे के नेटवर्क की जांच जारी।

जागरण टीम, रतिया/फतेहाबाद। नशे के कारोबार को लेकर पहले ही बदनाम फतेहाबाद जिले में अब नशीली गोलियों की सप्लाई भी चिंता बढ़ा रही है। केमिकल नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच तस्करों ने नशीली गोलियों के कारोबार में भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।

इसका खुलासा थाना सदर रतिया पुलिस की कार्रवाई में हुआ है। पुलिस ने गांव महमड़ा निवासी खजान सिंह को 9600 नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित गांव बादलगढ़ में डाक्टरी का काम करता था और इसी आड़ में नशीली गोलियों के अवैध कारोबार में संलिप्त था।

बरामद गोलियों की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपित नशीली गोलियों की खेप लेकर पंजाब के बीरेवाला क्षेत्र में सप्लाई करने जा रहा है। इस कार्रवाई ने जिले से पंजाब तक नशीली गोलियों की कथित सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

6000 ट्रामाडोल और 3600 अल्प्राजोलम की गोलियां मिलीं

पुलिस के अनुसार चौकी महमड़ा प्रभारी एएसआइ ज्योति प्रसाद के नेतृत्व में टीम ढाणी बबनपुर क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि महमड़ा निवासी खजान सिंह बादलगढ़ में डाक्टरी का काम करता है और नशीली गोलियों की अवैध बिक्री में शामिल है।

सूचना के मुताबिक, वह गोलियों की बड़ी खेप लेकर पंजाब जाने वाला था। पुलिस टीम ने बादलगढ़ में रविदास धर्मशाला के पास निगरानी की। इसी दौरान नीले-काले रंग का बैग लेकर आ रहे व्यक्ति ने पुलिस वाहन देखकर वापस जाने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में बैग से ट्रामाडोल की 6000 और अल्प्राजोलम की 3600 गोलियां बरामद हुईं।

चोर रास्तों से पंजाब तक सप्लाई की आशंका, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

नशीली गोलियों की यह खेप कहां से लाई गई और पंजाब में किसे सप्लाई की जानी थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पंजाब में चोर रास्तों से नशीले पदार्थों की आवाजाही की आशंका के बीच इस मामले में भी सप्लाई के पूरे रास्ते और संपर्कों का पता लगाना अहम होगा। पंजाब में ये गोलियां सस्ते दाम पर मिलती है।

जांच में सामने आया है कि पंजाब में नशे का एक पत्ता 10 रुपये का मिलता है यहां पर इसकी कीमत 80 से 100 रुपये तक पहुंच जाता है। सबसे अधिक ट्रामाडोल की मांग बढ़ रही है।

एक साल में पुलिस डेढ़ लाख नशे की गोलियां बरामद कर चुकी है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस नशे की गोलियों की कितनी डिमांड है।

गोलियों का घोल बनाकर कर रहे नशा

नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीज अधिकतर नशे की गोलियों का सेवन करते है। अधिकतर इन गोलियों का घोल तैयार करते है और फिर सीरिंज के माध्यम से इंजेक्शन के सहारे नशा कर रहे है।

गोलियों का कितना घोल बनाना है। इनकी जानकारी नहीं होती है। यही कारण है कि अधिकतर की मौत होने का यह मुख्य कारण है। ओएसटी सेंटर में नशे से ग्रस्त युवाओं का इलाज किया जा रहा है। फीडबैक के दौरान 48 से अधिक की मौत भी हो चुकी है जो नशे का सेवन करते थे।

नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बरामद गोलियों का स्रोत, पंजाब में इन्हें लेने वाले व्यक्ति और कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पंजाब के साथ लगने वाले रास्तों की जांच की जा रही है।
कुलवंत सिंह, डीएसपी रतिया।