जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : खेती बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान रतिया क्षेत्र के किसानों के साथ अन्य ब्लाक के किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे। किसानों का आरोप है कि रतिया तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। रतिया में ही सरकार ने धान की खेती में रोक लगाकर किसानों के साथ गलत व्यवहार किया है। ऐसे में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले किसान 18 मई को गांव स्तर पर धरना दे कर अपनी शक्ति का अहसास करवा चुके है। वहीं प्रशासन ने भी किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए परेशानी बढ़ गई है।

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छोटे किसानों को विधायक दिलवा गए छूट :

रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आग्रह किया था कि जिनके पास दो एकड़ या इससे कम जमीन है। उनको धान लगाने की छूट मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विदित रहे कि रतिया ब्लाक में सरकार ने आदेश दिया है कि किसान धान की खेती अपने कुल जमीन के 50 फीसद क्षेत्र में ही कर सकते है। इससे किसानों में रोष है। किसानों का कहना है कि डार्क जोन तो टोहाना है। लेकिन धान पर रोक रतिया ब्लाक में लगाई है।

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विरोध बढ़ा तो घग्घर बेल्ट में मिल सकती है छूट :

रतिया के करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र से होकर घग्घर नहीं गुजरती है। नदी के दोनों तरफ दो दो किलोमीटर क्षेत्र में सरकार किसानों को धान लगाने की छूट दे सकती है। नदी के साथ पक्की जमीन होने से पानी आसानी से ठहर जाता है। जिसमें धान के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की खरीफ फसल नहीं हो सकती। ऐसे में अब राजस्व विभाग के सर्वे की रिपोर्ट में भी सामने आ चुका है। हालांकि अभी तक सरकार ने ये विशेष छूट दी नहीं है। किसानों को भी उम्मीद है कि उनके प्रदर्शन के बाद सरकार अपना निर्णय बदलेगी। ऐसे में वे एकत्रित होकर 25 मई को जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।

Posted By: Jagran

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