जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले में यूरिया संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारी दावा करते है कि दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन किसान सरेआम अधिकारियों पर ही मिलीभगत का आरोप लगा रहे है। किसानों को यूरिया खाद के साथ दवाइयां दी जा रही है। लेकिन शिकायत के बाद कोई कार्रवाई तक नहीं की जा रही है। ऐसा ही मामला शनिवार को देखने को मिला। भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर यूरिया खाद की रैंक लगी थी। ऐसे में फतेहाबाद के तीन प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की खाद आई। शहर में केपी केमिकल्स, श्याम सुंदर एंड बदर्स व गुरुनानक एग्रीकल्चर की दुकानों के बाहर किसानों की लंबी लाइनें लग गई। कुछ दुकानदारों द्वारा चहेतों को ही खाद दे रहे तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कृषि अधिकारी मौके पहुंचे तो खाद विक्रेताओं ने दुकानें बंद कर दी और सभी किसानों को खाद देने से इन्कार कर दिया। वही स्टाक की जांच की गई।

शनिवार को फतेहाबाद अनाज मंडी की दो-तीन फर्मों पर भट्टू में लगे रेलवे रैक से यूरिया खाद पहुंचा। खाद पहुंचने की सूचना के बाद किसान कड़ाके की ठंड में सुबह ही इन दुकानों के बाहर लाइनों में लग गए। दोपहर तक काफी किसानों को यूरिया नहीं मिला तो उन्होंने हंगाम शुरू कर दिया। कृषि विभाग के एसडीओ भीम सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे। एसडीओ को एक किसान ने बताया कि एक फर्म के पास 100 टन यूरिया आया है, लेकिन 50 प्रतिशत बांट कर कह दिया गया कि यूरिया है ही नहीं। दुकानदार दरवाजा बंद कर अपने चहेतों को यूरिया बांट रहे हैं। यूरिया ब्लैक में बेची जा रही है। एसडीओ को स्टाक का हिसाब तक नहीं दिया जा रहा और न ही उनके सामने यूरिया बांटी जा रही। किसानों ने दी चेतावनी, कार्रवाई नहीं हुई तो करेगे घेराव

गांव भिरडाना से आए किसान पवन, सुरेश, महेश व दिलबाग ने कहा कि अगर कृषि अधिकारियों ने दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो धरना प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने कहा कि यूरिया खाद के बदल में दवाइयां दी जा रही है। बार बार कहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कुछ अधिकारी मिले हुए है। ऐसे में पिछले छह महीने से एक भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों की शिकायत मिलते ही एसडीओ सहित कर्मचारियों को भेज दिया था। स्टाक आदि की जांच की जाएगी। अगर गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। कोई भी अधिकारी दुकानदारों से मिला हुआ नहीं है।

डा. राजेश सिहाग, उपकृषि निदेशक कृषि विभाग।

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