जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले के किसानों ने कृषि विभाग से मंजूरी मिलने के बाद कृषि यंत्र तो पांच महीने पहले ही खरीद लिए थे, लेकिन अनुमति देने वाले विभाग अब अनुदान देने में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। जिसके चलते अभी तक अनुदान जारी नहीं हुआ। अब भी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब एक से डेढ़ महीने का समय और लगेगा। उसके बाद अनुदान के रुपये किसानों को जारी होंगे। ऐसे में जिन किसानों ने बैक व आढ़ती से ऋण लेकर यंत्र खरीदे थे। उन्हें अब परेशानी आ रही है।

दरअसल, कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के अवशेष प्रबंधन के लिए सीएचसी यानी सामुदायिक हायरिग सेंटर बनाने के लिए आवेदन मांगे थे। जिले में 129 सीएचसी देनी थी। परंतु 128 ही आवेदन आए। ऐसे में जिन्होंने आवेदन किया। उन सभी के दस्तावेज की जांच करते हुए उन्हें हायरिग सेंटर के लिए कृषि यंत्र खरीदने की अनुमति दे दी। यह अनुमति करीब पांच महीने पहले दी गई थी।

-------------------------10 लाख रुपये तक खरीद सकते है यंत्र :

सीएचसी सेंटर बनाकर यंत्र खरीदने वाले किसानों को कृषि विभाग ने 10 लाख रुपये तक यंत्र खरीदने की अनुमति दी। ऐसे में उन्होंने फसल प्रबंधन में सहायक यंत्र हैप्पी सीडर, जीरा ड्रिल, एमपी प्लाऊ, , मल्चर सहित अन्य उपकरण खरीदे। इन यंत्रों पर 80 फीसद अनुदान विभाग द्वारा देना सुनिश्चित हुआ। उसके बाद जिन किसानों ने सोसायटी बनाकर सीएचसी के लिए यंत्र खरीदने थे। सभी ने खरीद लिए। अब परेशानी यह है कि 128 सीएचसी संचालकों को अनुदान के रुपये नहीं मिल रहे। उनका कहना है कि उन्होंने आढ़तियों से 2 से 3 रुपये प्रति सैकड़ों ब्याज पर रुपये लेकर यंत्र खरीदे थे। जल्द अनुदान जारी नहीं हुआ तो कृषि यंत्र महंगे पड़ेंगे।

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जिन किसानों को विभाग द्वारा कृषि यंत्र खरीदने की अनुमति मिली थी। अब उन किसानों के यंत्रों का फिजिकल वेरीफिकेशन किया जा रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर महीने में सभी किसानों को फिजिकल वेरीफिकेशन का कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद पेमेंट जारी होगी।

- सुभाष भाम्भू, सहायक कृषि अभियंता, फतेहाबाद।

Posted By: Jagran

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