हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, रात 10 बजे बहाल हुई बिजली; जनस्वास्थ्य विभाग 18 लाख का फटका
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद फतेहाबाद में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे लोगों को राहत मिली।
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यमुनानगर में हड़ताल के समय कुछ ऐसा दिखा दृश्य (जागरण फोटो)
HighLights
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार देर शाम समाप्त हुई
फतेहाबाद में रात 10 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई
पेयजल आपूर्ति पर 18 लाख का अतिरिक्त खर्च हुआ
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल के चलते जिले भर में छाया भीषण ऊर्जा संकट आखिरकार शुक्रवार देर शाम आंदोलन समाप्त होने के बाद दूर हुआ।
सरकार के साथ सहमति बनने और हड़ताल वापस लेने के लगभग तीन घंटे बाद कर्मचारियों ने उपकेंद्रों पर पहुंचकर कार्यभार संभाला। रात 10 बजे से चरणबद्ध तरीके से फीडरों की बिजली आपूर्ति बहाल की गई, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
हड़ताल के दौरान सबसे गंभीर प्रभाव पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। जलापूर्ति सुचारू रखने के प्रयास में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को महज दो दिनों में 18 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय चपत लग गई। वहीं हड़ताल खत्म होने के बाद शनिवार को जिले में पेयजल आपूर्ति व अन्य सेवाएं सामान्य होने से लोगों को राहत मिली।
18 लाख खर्च कर भी नहीं बुझा पाए पूरी प्यास
बिजली ठप रहने से जलघरों और नलकूपों की मोटरें रुक गई थीं। पेयजल संकट से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति में 60 भारी जनरेटर किराए पर लिए।
विभाग ने जनरेटरों के किराए मद में करीब दो लाख रुपये खर्च किए, जबकि इन्हें चलाने में लगभग 16 लाख रुपये का डीजल फूंका गया। इसके बावजूद यह वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी साबित हुई।
वजह थी कि इतने बड़ी आबादी में पर्याप्त दबाव से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी और अधिकांश कालोनियों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते रहे।
कारोबार पर गहरी मार, डेयरी संचालक रहे बेहाल
बिजली न रहने से सामान्य जनजीवन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह पटरी से उतर गईं। छोटे दुकानदारों से लेकर औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप रहा।
सबसे अधिक नुकसान दुग्ध एवं डेयरी उत्पाद विक्रेताओं को उठाना पड़ा। डीप फ्रीजर घंटों बंद रहने के कारण दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे उत्पाद खराब होने की कगार पर पहुंच गए, जिससे विक्रेताओं को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
अनाज मंडी में जनरेटर में भड़की आग, मची अफरा-तफरी
हड़ताल के दौरान अनाज मंडी में प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापार मंडल ने किराए पर एक बड़ा जनरेटर स्थापित किया था।
शुक्रवार शाम को जैसे ही स्ट्रीट लाइटों को चालू करने के लिए जनरेटर चालू किया गया, अचानक उसमें भीषण आग लग गई। लपटें उठती देख मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रात 10 बजे तक पूरे जिले में सप्लाई शुरू
हड़ताल वापसी की आधिकारिक घोषणा के बाद रात आठ बजे से कर्मचारी बिजलीघरों में लौटने लगे थे। तकनीकी जांच और लोड संतुलन के बाद रात 10 बजे पूरे जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के फीडर चालू किए गए। देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य हो गई, जिससे दो दिनों से अंधेरे में डूबे नागरिकों की दिनचर्या वापस पटरी पर लौट सकी।
