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जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

महिला थाना में सोमवार को एक मामले में पहुंचे पार्षद व प्रतिनिधि की एसएचओ के साथ बहस हो गई। आरोप है कि एसएचओ ने दु‌र्व्यवहार करते हुए बाहर जाने को कहा। पार्षद टोहाना के सिधानी में बच्ची गोद मामले में पहुंचे किन्नरों के पक्ष में पहुंचे थे। एसएचओ के व्यवहार से गुस्साए पार्षदों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। एसपी ने डीएसपी को मामले की जांच सौंप दी है।

मामले के अनुसार टोहाना के सिधानी में बच्ची को गोद लेकर आगे बेचने का मामला सामने आया था। बच्ची को पुलिस ने बरामद कर लिया था और बच्ची मोहाली क्षेत्र के एक किन्नर के पास मिली थी। महिला थाना इस मामले की जांच कर रहा है। सोमवार को इस मामले में महिला थाना पुलिस ने फतेहाबाद के किन्नरों को बुलाया हुआ था। पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में पार्षद प्रतिनिधि प्रमोद डबली ने आरोप लगाया कि सुबह किन्नरों का फोन आया था कि कुछ पार्षद व पार्षद प्रतिनिधियों को लेकर महिला थाना में पहुंचना है। सुबह जब महिला पुलिस थाना प्रभारी बिमला देवी के कार्यालय में पहुंचे तो वहां किन्नरों के अलावा वार्ड के अन्य लोग मौजूद थे। पार्षद महिला थाना प्रभारी के कार्यालय में दाखिल हुए तो एसएचओ ने बाहर जाने को कहा। इस बात पर कहा गया कि किन्नरों के बुलावे पर यहां आए हैं। आरोप है कि महिला एसएचओ ने कहा कि इनका काम तुम कर दो यहां आने की क्या जरूरत है। आरोप है कि सभी पार्षद दोबारा एसएचओ के पास पहुंचे तो बेइज्जती की और बाहर जाने का इशारा कर दिया। इसके बाद पार्षद प्रतिनिधि प्रमोद डबली, किट्टू बजाज, पार्षद प्रतिनिधि मनोज नारंग, पार्षद प्रतिनिधि सोनू कुक्कड़, पार्षद राकेश गंभीर, पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र मिढ़ा, पार्षद ज्योति मैहता, पार्षद प्रतिनिधि सौरभ मैहता ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी।

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पार्षद जो आरोप लगा रहे हैं वह सभी गलत हैं। मैं एक मामले की जांच में व्यस्त थी। इन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहा था। कमरा भी पूरी तरह से भरा हुआ था। इसके अलावा जांच को भी सभी के बीच शेयर नहीं किया जा सकता।

- बिमला देवी

एसएचओ, महिला थाना प्रभारी फतेहाबाद

Posted By: Jagran

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