जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : जिले में कोच का अभाव है। कोच की देखरेख की व्यवस्था के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्टेडियम की हालत खराब है। वहीं, सिरसा रोड पर स्थित गांव दरियापुर में कहने को तो प्रदेश ही नहीं समस्त उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल मैदानों में से एक घोषित किया गया था उत्तर भारत का एकमात्र सिथेटिक एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड। करीब पांच साल पहले तकरीबन तीन करोड़ रुपये की लागत से बना यह ग्राउंड तैयार किया गया। लेकिन कोच में अभाव में अपने अंजाम पर आंसू बहा रहा है। कारण कि जिस मकसद से यह ग्राउंड अस्तित्व में लाया गया था वह तो दूर अब वहां युवा क्रिकेट खेलते है। वह भी ग्राउंड के बीचोंबीच पिच बनाकर। इसकी वजह है कि न तो जिले में अब फुटबॉल के कोच है न ही सरकार अकादमी को सुधार के लिए प्रयास कर रही है। बेशक मैदान बना दिया लेकिन उसके बाद शौचालय तक की सुविधा नहीं की। होस्टल तो दूर की बात। सही से देखरेख न होने के चलते खाली पड़े मैदान में आसपास के गांवों के युवा क्रिकेट खेल कर ही समय व्यतीत करते हैं। उन्हें रोकने-टोकने वाला भी कोई नहीं है। दरअसल, 2012 में तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने गांव दरियापुर में फुटबाल अकादमी का शिलान्यास किया। इसके बाद यह अकादमी 3 करोड़ रुपये की लागत से बनकर 2015 में तैयार हो गई। उस समय अजय माकन ने घोषणा की थी कि मैदान के साथ होस्टल भी बनाया जाएगा, लेकिन पांच साल बाद भी उसके लिए बजट तक जारी नहीं किया गया।

--------------------------यहां भी परेशानी मैदान 38, कोच 19

जिले में खेल विभाग के अधीन आने वाले करीब 38 मैदान है, लेकिन जिले में कोच सिर्फ 19 है। कई कोच तो ऐसे है जो हिसार ही रहते है। कभी नहीं आते। डीएसओ भी जिला मुख्यालय में न रहने के चलते कोच भी मनमानी करते है। ऐसे में न तो कोच खेलों को लेकर गंभीर न ही डीएसओ।

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खिलाओ या न खिलाओं प्रमोशन व एंक्रीमेंट पक्का

खेल विभाग में चाहे कोई कोच खिलाड़ियों को ट्रेनिग दो या न दो। उम्र बढ़ने के साथ प्रमोशन तो मिलेगा ही, वहीं प्रत्येक वर्ष एंक्रीमेंट भी लगेगा। ऐसे में कई ऐसे कोच है जो लंबे समय से फतेहाबाद में जमे हुए है, लेकिन कभी एक भी खिलाड़ियों को ट्रेनिग नहीं देते। न ही कभी उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। ऐसे कोच कई खेल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी बन गए है। ताकि दबदबा बना रहे।

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राजेंद्र बेरबाल ने नहीं हो पाया संपर्क :

जब इस बारे में जिला खेल एवं कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र बेरवाल से संपर्क करना चाहा तो उनके संपर्क नहीं हो पाया।

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Posted By: Jagran

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