जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

उपायुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ ने बताया कि कोविड-19 महामारी की इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का हमें डटकर मुकाबला करना है। प्रदेश सरकार कोविड के मरीजों के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी कड़ी में कोविड के गरीब मरीजों को आर्थिक सहायता के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे कोविड मरीज जो गरीबी रेखा से नीचे हैं व आयुष्मान भारत योजना के तहत सुविधा प्राप्त नहीं कर रहे हैं, को प्रदेश सरकार द्वारा कोविड उपचार अधिकृत निजी अस्पतालों में इलाज के लिए प्रतिदिन प्रति मरीज 5000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी जोकि अधिकतम 35000 रुपये प्रति मरीज होगी। यह राशि मरीज के डिस्चार्ज होने के समय बिल से घटा दी जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि निजी अस्पतालों (जो कोविड के इलाज के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अधिकृत है) में राज्य के भर्ती उपचारित मरीजों के लिए प्रतिदिन प्रति मरीज 1000 रुपये व अधिकतम 7000 रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। यह राशि मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद अस्पतालों के बैंक खातों में भेजी जायेगी। निजी अस्पतालों को ऐसे मरीजों की जानकारी जीएमडीएएचआरएचईएएल डॉट आईएन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे ऐसे होम आइसोलेटिड कोविड मरीजों को 5000 रुपये की एकमुश्त राशि चिकित्सा सहायता के रूप में दी जाएगी। यह राशि सीधे मरीजों के बैंक खातों में भेजी जायेगी। उपायुक्त ने बताया कि लाभार्थी कोविड मरीजों का परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। कोविड संबंधित सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8558893911 (संपूर्ण राज्य के लिए) व 1075 (गुरुग्राम व फरीदाबाद को छोड़कर) पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जिला में योग्य लाभपात्रों से कहा कि वे सरकार द्वारा समय-समय पर लागू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उपायुक्त ने यह भी कहा कि योग्य लाभपात्रों को योजना का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी है तो वे जिला प्रशासन व उपायुक्त कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।