जागरण संवाददाता, फतेहाबाद

जिलाधीश डा. नरहरि सिंह बांगड़ ने दंड प्रकिया नियमावली 1976 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तुरंत प्रभाव से जिला में धान की फसल की कटाई के बाद बचे उसके अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश आगामी 5 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेंगे।

जारी आदेशों में बताया गया है कि फतेहाबाद जिला की सीमा के अंदर धान की फसल की कटाई के बाद बचे हुए उसके अवशेषों को जला दिया जाता है। इन अवशेषों के जलने से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के स्वास्थ्य, संपति की हानि, तनाव, क्रोध तथा जीवन को बाहरी खतरे तथा जमीन की उर्वरता शक्ति के कम होने की संभावना रहती है। जबकि इन अवशेषों से पशुओं के लिए तूड़ा बनाया जा सकता है और इसके जलाने से चारे की भी कमी हो जाती है। जिलाधीश ने कहा कि इन आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है कि तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 संगठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत दंड का भागी होगा।

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