जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार जिले में इस बार बारिश नहीं हुई। हालांकि मंगलवार शाम को बादल छाए थे, लेकिन बरसे नहीं। अब मौसम विभाग ने अनुमान व्यक्त किया है कि अगामी 9 से 11 अगस्त तक हरियाणा में अच्छी बारिश होगी। उसमें पश्चिम हरियाणा भी शामिल है। ऐसे में अब किसानों को बारिश के लिए आगामी पांच दिन इंतजार करना पड़ेगा। वैसे पांच दिन मौसम परिवर्तनशील तो रहेगा, लेकिन बारिश का अनुमान बहुत कम ही है। ऐसे में किसानों की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को फसलों की उचित सिचाई करने का आग्रह किया है।

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शहर के साथ लघु सचिवालय में रही बिजली बाधित :

जैसे गर्मी बढ़ रही है। वैसे ही लोड बढ़ने से बिजली की समस्या बढ़ गई। मंगलवार दोपहर को शहर के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रही। यहां तक की लघु सचिवालय हॉट लाइन से जुड़ा होने के बाद भी परेशानी आ गई। शहर के 33 केवी बिजली घर में अधिक लोड की वजह से तकनीकी खराबी आ गई। लघु सचिवालय में सिर्फ मंजूरी लेकर 17 एसी लगाए हुए है, लेकिन फिलहाल 37 एसी चल रहे है। ऐसे में लोड के अधिक बढ़ा हुआ है। जिसके चलते परेशानी बनी हुई है। वहीं शहरी एसडीओ अंकित कुमार बताया कि 33 केवी बिजलीघर में तकनीकी खराबी आ गई थी। उसे बाद में दुरूस्त कर दिया।

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प्रदेश में 4 फीसद कम तो जिले में 6 फीसद अधिक हुई बारिश :

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मॉनसूनी हवाएं29 जुलाई से 4 अगस्त तक बारिश होने की संभावना थी। हरियाणा राज्य में थोड़ा सक्रिय रहने से कुछ एक क्षेत्रों में बारिश दर्ज हुई। हालांकि फतेहाबाद जिले में बारिश नहीं हुई। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार जारी आंकड़ों के अुनसार राज्य में अब तक 1 जून से 4 अगस्त सामान्य से 4 फीसद कम बारिश हुई है। लेकिन फतेहाबाद में इसी दौरान 6 फीसद अधिक बारिश हुई। फतेहाबाद में 151 के मुकाबले 161 एमएम बारिश दर्ज की गई। हालांकि 29 जुलाई से 4 अगस्त के बीच जिले में एकाध गांव को छोड़कर कहीं भी बारिश नहीं हुई।

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9 से फिर सक्रिय होगा मानसून : खीचड़

हरियाणा राज्य की तरफ आने वाली कमजोर मॉनसूनी हवाएं से 8 अगस्त तक राज्य में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने, बीच बीच मे बादल आने तथा तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी अधिक होने तथा तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने से कहीं कहीं गरज-चमक वाले बादल बनने से कुछ एक स्थानों पर हवायों के साथ हल्की बारिश भी संभावित है। बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना से 8 अगस्त से मानसून हवाओं की फिर से मैदानी क्षेत्रों की तरफ सक्रियता बढ़ने की संभावना है जिससे 9 अगस्त से 11 अगस्त के बीच राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

- डा. एमएल खीचड़, विभागाध्यक्ष,

कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार

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किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह ::

अगले चार दिन मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना को देखते हुए धान की फसलों में आवश्यकतानुसार सिचाई करें। बाजरा, ग्वार आदि खरीफ फसलों में निराई-गुड़ाई कर खरपतवार निकाले व नमी को संचित करे। नरमा-कपास, बाजरा, ग्वार आदि फसलों में यदि आवश्यक हो तो हल्की सिचाई करे। बादलवाई व वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण नरमा- कपास व अन्य फसलों में कीटों व रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना को देखते हुए फसलों की निगरानी करे यदि प्रकोप हो तो विश्वविद्यालय की सिफारिश कीटनाशकों का छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही करें। सब्जियों व फलदार पौधों में आवश्यकतानुसार हल्की सिचाई करें।

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शुष्क मौसम में टिड्डी की बढ़ जाती है परेशानी :

अगले चार दिनों तक शुष्क मौसम रहने का अनुमान को देखते हुए टिड्डी दल फिर से सक्रिय होने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि टिड्डी दल शुष्क क्षेत्र में अधिक सक्रिय होता है। ऐसे में किसान अगले चार दिनों में हवा में बार-बार बदलाव की संभावना को देखते हुए राजस्थान के आसपास के जिलों के किसान टिड्डी दल के प्रति सजग रहे तथा खेतों में लगातार निगरानी रखे। यदि खेत में कहीं भी टिड्डी दिखाई दे तो तुरंत नजदीक के कृषि अधिकारी व कृषि विज्ञान केंद्र के साथ विश्विद्यालय के कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों को तुरंत सूचित करें।

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