हरियाणा में इस दिन थम सकते हैं बसों के पहिए, रोडवेज के कर्मचारी करेंगे प्रदेशव्यापी हड़ताल
फतेहाबाद में रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया और परिवहन मंत्री पर वादाखिलाफी ...और पढ़ें
-1786637971502_m.webp)
रोडवेज कर्मचारियों ने 5 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की दी चेतावनी।
HighLights
फतेहाबाद में रोडवेज कर्मचारियों ने किया दो घंटे का विरोध प्रदर्शन
परिवहन मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
मांगें न मानने पर 5 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर तले बुधवार को फतेहाबाद डिपो में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद डिपो महाप्रबंधक के माध्यम से परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया तो 5 सितंबर को प्रदेशभर में रोडवेज कर्मचारी पूर्ण हड़ताल करेंगे।
प्रदर्शन का संचालन डिपो प्रधान हनुमान वर्मा ने किया। सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता विजय नागपुर, प्रधान हर्ष डारा और जयबीर ने कहा कि 25 जुलाई को कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया था। उस दौरान मंत्री ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए 15 दिन के भीतर औपचारिक वार्ता बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद बैठक को लेकर कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी डिपो में 13 अगस्त को दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि खाली पड़े चालकों, परिचालकों, हेल्परों और मैकेनिकों के पद स्थायी भर्ती से भरे जाएं। चालकों और परिचालकों के पे-ग्रेड में बढ़ोतरी, परिचालकों को तीन विशेष वेतन वृद्धियां तथा जोखिम भत्ता दिया जाए।
कर्मचारियों ने वर्ष 2016 के चालकों को स्थायी करने, वर्ष 2018 के कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने तथा एचकेआरएन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था बंद करने और रोके गए अर्जित अवकाश बहाल करने की मांग की गई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारी आमजन को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 5 सितंबर को प्रदेशभर में बसों के पहिए थम सकते हैं।
