संवाद सूत्र, जाखल :

घग्घर नदी को शुद्ध करने के लिए पंचायती विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। दरअसल पिछले साल नवंबर महीने में डीसी व एनजीटी के अधिकारियों ने घग्घर नदी के पास स्थित गांवों का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान पाया कि अधिकतर गांवों का गंदा पानी इसमें आ रहा है। जब तक गंदे पानी की निकासी नहीं रोकी जाती तब तक यह घग्घर शुद्ध नहीं हो सकती। अब पंचायती विभाग ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। गांव के अंदर फाइव पौंड बनाया जाएगा। जिसके अंदर गांव का गंदा पानी आएगा और उसे शुद्ध कर सिचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके लिए राशि भी मंजूर हो गई।

एनजीटी के अधिकारी दूषित होती घग्घर नदी को बचाने क लिए अभियान शुरू कर दिया। जिला उपायुक्त को पत्र भी लिखकर कहा है कि जब तक इसके अंदर पानी निकासी नहीं रोका जा सकता तब तक यह शुद्ध नहीं हो सकती। वहीं फैक्टरियों से डलने वाले गंदे पानी पर भी रोक लगाई जाएगी।

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पंचायती विभाग क अधिकारियों ने घग्घर नदी का किया निरीक्षण

शनिवार को पंचायती विभाग के कार्यकारी अभियंता कुलबीर सिंह वर्मा ने गांव साधनवास का निरीक्षण किया। इस दौरान गांव सरपंच रमेश कुमार व विभागीय टीम के अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने देखा कि गांव साधनवास का पूरा गंदा पानी घग्घर नदी में जा रहा है। अधिकारियों ने सरपंच से कहा कि इस गंदे पानी की निकासी को तुरंत रोक दे। पंचायत ने कहा कि इसके लिए पहले प्रबंधन किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए रुपये आ गए है।

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28 लाख रुपये की लागत से बनेंगे फाइव पौंड

कार्यकारी अभियंता ने बताया कि गांव साधनवास में 28 लाख रुपये की लागत से फाइव पौंड का निर्माण अगले कुछ दिन में शुरू कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा मंजूरी भी मिल गई है। सरपंच से कहा कि वे जल्द ही इस पर काम करना शुरू कर देंगे। जब तक इसका निर्माण नहीं होता तब तक गांव के बाहर बने गड्ढ़ों में पानी निकासी की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जब तक ग्रामीण सहयोग नहीं करेंगे तब तक इस नदी को शुद्ध नहीं किया जा सकता।

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गांव में फाइव पौंड बनाए जाएंगे। इसके लिए 28 लाख रुपये मंजूर हो गए है। गांव का गंदा पानी घग्घर नदी में आ रहा था। एनजीटी के अधिकारियों न कुछ समय पूर्व निरीक्षण किया था। जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। अगले तीन चार महीनों में काम पूरा हो जाएगा। आगे जो भी गांव आएंगे उसके बारे में भी विचार किया जाएगा। इन तालाबों में जो पानी इकट्ठा होगा उसे शुद्ध किया जाएगा और बाद में इसका उपयोग सिचाई के लिए किया जाएगा।

कुलवीर वर्मा

कार्यकारी अभियंता पंचायती विभाग फतेहाबाद।

Posted By: Jagran

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