जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : नगर परिषद में उपजे विवाद व भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई को लेकर आखिरकार शहर के भाजपा नेता, प्रापर्र्टी डीलरों व अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री हाउस चंडीगढ़ पहुंचकर अपनी समस्या रखी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विशेष निर्देश पर उनके अतिरिक्त मुख्य सचिव वी उमाशंकर व ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने फतेहाबाद से पहुंचे नेताओं व डीलरों की समस्या सुनते हुए उचित कार्रवाई के आदेश जारी किए। इस दौरान नगर परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार, प्रापर्टी आइडी विवाद के अलावा अच्छी बात यह थी कि शहर क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक की समस्याओं के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया। उम्मीद है कि नगर परिषद में आमजन की सुनवाई होगी और दूसरी समस्याओं का भी निदान किया जाएगा। सोमवार देर शाम को भाजपा नेताओं व डीलरों सीएम हाउस में अपनी समस्या रखी। उसी दिन पूरे मसले को लेकर उपायुक्त महावीर कौशिक को आदेश दिया गया है कि वे नगर परिषद के प्रकरण की जांच के लिए 9 अगस्त को बैठक बुलाए। जिसमें नगर परिषद के सभी अधिकारी व आरोपित कर्मचारी भी शामिल हो। इस बैठक में विशेष तौर पर भाजपा के प्रदेश पन्ना प्रमुख भारत भूषण मिढ्डा निगरानी करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री से मिलने गए गणमान्यों ने नगर परिषद के कर्मचारी हिमांशु, रबप्रीत व अमित शर्मा पर उचित कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद वी उमाशंकर व भूपेश्वर दयाल ने फतेहाबाद के एसडीएम कुलभूषण बंसल को लाइन पर लेकर कहा कि वे तीनों कर्मचारियों पर लगे आरोपों की जांच 3 दिन में करते हुए शुक्रवार तक रिपोर्ट भेजे। प्रापर्टी आइडी बनाने का कार्य पक्के कर्मचारियों को दिया जाए। इतना ही नहीं एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अमित का तुरंत प्रभाव से भूना नगरपालिका में तबादला कर दिया गया। सरकार ने नगर निकाय की दुकानें किरायादारों के नाम करने का फैसला लिया है। फतेहाबाद में नगरपरिषद की दुकानें 1965 से किराए पर है, लेकिन नगरपरिषद के पास 1995 से ही रिकार्ड है। पहले का रिकार्ड नहीं मिल रहा। इसका भी समाधान होगा। शहर के लाल डोरा की समस्या का हुआ समाधान

बड़े प्लांटों को दो हिस्सों में बांटकर प्रॉपर्टी आईडी जारी न करने की समस्या रखी। वहीं, शहर के लाल डोरा में शामिल भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हो रही। शहर के प्रतिनिधियों ने बताया कि पटवारी द्वारा प्लाट को लाल डोरा क्षेत्र में चिन्हित कर दिए जाने के बाद तस्दीक होने के उपरांत विकास शुल्क भरकर नगर परिषद नोड्यूज देती है। परेशानी यह है कि अनेक बार तहसीलदार भूखंड की पिछली 3 बयानामों की रजिस्ट्री की मांग करते हैं। जब किसी भूखंड का बयानामा हो ही पहली बार रहा हो। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने आदेश दिया कि अब तहसीलदार पिछले तीन बयानामों की मांग नहीं करेगा।

सेक्टर 3 में पानी की समस्या का होगा समाधान

इस दौरान सीएम हाउस में मांग रखी कि सेक्टर 3 में पेयजल की समस्या बरकरार है। नहरी पानी सप्लाई को नहीं जोड़ा जा रहा है। इस पर उचित कार्यवाही के आदेश जारी किए गए। वहीं मांग कि कि गई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का रिकॉर्ड नगर परिषद में भेजे जाने के बाद भी अभी अपलोड नहीं किया जा रहा है। ऐसे में नगर परिषद को अभी सेक्टर की से इन्वेंटरीज का सॉफ्टवेयर नहीं मिला है।

ये रहे थे मौजूद

इस दौरान प्रदेश के पन्ना प्रमुख भारत भूषण मिड्ढा, हिसार के विस्तार सत्यरावल भादू, आरएसएस के प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख बजरंग गौदारा, अधिवक्ता शेरसिंह गोदारा, भाजपा के जिला सचिव धनंजय अग्रवाल, करणवीर सिंह साहू, शिवपुरी के प्रधान भीमसेन आंनद, प्रोपर्टी डीलर व पूर्व एमसी राजेंद्र चौधरी उर्फ काका, पूर्व एमसी सुभाष पपीहा, प्रापर्र्टी डीलर डीपी यादव, गुशलन रूखाया, मदन मूटरेजा, सुधीर तनेजा, धनश्याम दास आंनद, पंचनंद के प्रधान विजय निर्माेही, पंजाबी सभा अस्पताल के चंद्रभान मुंझाल, पूर्ण चौधरी, सुधीर तनेजा, आजाद किनरा व व्यवसायी सुरेंद्र मिड्ढा सहित अनेक लोग सीएम हाउस में अपनी समस्या रखी।

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