विनोद कुमार, फतेहाबाद:

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पूरे प्रदेश के शहरों को मॉडल सिटी बनाना चाहती हैं। जिसमें फतेहाबाद का नाम भी शामिल है। एक महीने पहले एनजीटी के अधिकारियों ने जिले का निरीक्षण किया था। उन्होंने नप अधिकारियों को आदेश दिए थे कि पूरे शहर में पॉलीथिन पर रोक लगे और इसके अलावा कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण जल्द से जल्द करें। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम करना था। नगरपरिषद के अधिकारियों ने केवल पालीथिन के चालान काटने पर ही काम किया। इसके अलावा दूसरे कामों के बारे में सोचा तक नहीं है। यहीं कारण है कि अब डीसी ने 3 जून तक इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। नप अधिकारी भी असमंजस में है कि रिपोर्ट क्या दे। काम तो कुछ हुआ नहीं। इस कारण अधिकारियों की क्लास भी लगना तय है।

करीब एक महीने पहले एनजीटी के अधिकारियों ने फतेहाबाद का दौरा किया था। जिसमें फतेहाबाद को मॉडल सिटी बनाने पर विचार किया। अधिकारियों ने भी हां भर दी थी कि जो काम दिया जाएगा उस पर काम किया जाएगा। इसके लिए हर 15वें दिन रिपोर्ट देने की बात हुई थी। पिछली मीटिग में नप की रिपोर्ट अच्छी न होने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। लेकिन इस बार केवल पालीथिन के चालान काटे है।

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नप अधिकारियों ने काटे केवल 25 चालान

पिछले एक महीने से शहर में पालीथिन को बैन करने के लिए नप अधिकारी कार्रवाई तो कर रहा है लेकिन वह नाकाफी हैं। वहीं सामने भी आया था कि कार्रवाई करने की सूचना पहले ही कर्मचारी दुकानदारों को दे रहे है। यहीं कारण है कि अब तक केवल 25 दुकानों का चालान किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि इन दुकानदारों से केवल आधा किलो तक ही पॉलीथिन बरामद किया है। बड़े दुकानदारों तक नप के अधिकारियों के हाथ भी नहीं पहुंचे है। केवल छोटे दुकानदारों पर ही कार्रवाई चल रही है। केवल 7 दुकानदारों ने ही चालान भरा है जिस पर केवल 500 रुपये जुर्माना लगा था।

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इन पर होना था काम

-प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट

-सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट

-बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट

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इनकी मौजूदा स्थिति

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट :

नगरपरिषद ने प्लास्टिक को बैन करने के लिए प्रयास तो कर दिए है लेकिन इसका इस्तेमाल कहां करेंगे इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। केवल चालान काटकर कार्यालय में ही पालीथिन इकट्ठा कर रहे है। ये किसी देंगे इसकी जानकारी न तो अधिकारियों के पास है और न ही कर्मचारियों के पास।

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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट :

कचरा प्रबंधन प्लांट की घोषणा साढ़े तीन साल पहले की गई थी। यह प्लांट 48 करोड़ रुपये में बनने की घोषणा की थी। नगरपरिषद के अधिकारियों ने भूना रोड पर जमीन भी देख ली है। लेकिन अभी तक इसका टेंडर भी नहीं हुआ है। पहले महज एक कंपनी के आवेदन करने के चलते नप प्रशासन टेंडर रद करता रहा। लेकिन हाल ही फरवरी में आखिरकार नगर परिषद प्रशासन ने कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर अलाट कर दिए थे लेकिन वर्क आर्डर जारी होने से पहले उन अलाट किए गए टेंडर को रद कर दिया गया।

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बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट :

बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का सपना केवल सपना ही बना हुआ है। कूड़ा निस्तारण के लिए अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया तो बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में अधिकारियों ने सोचा तक नहीं है। शहर के प्लाटों में बायोमेडिकल पड़ा मिल जाएगा। न तो नप अधिकारी इन अस्पताल संचालकों के चालान भी नहीं कर रहा है।

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। एकदम सभी काम पूरे नहीं हो सकते। धीरे-धीरे इस पर काम किया जा रहा है। पॉलीथिन के चालान किए जा रहे है। वहीं कूड़ा निस्तारण का टेंडर पंचकुला से ही होना है। अन्य कामों पर काम शुरू कर दिया है। बैठक में वे अपनी रिपोर्ट रख देंगे।

- जितेंद्र सिंह, नगर परिषद ईओ, फतेहाबाद।

------------------------------ नगरपरिषद में जब मैं प्रधान था तो शहर के विकास के लिए अनेक काम किए। हर महीने अधिकारियों की मीटिग होती थी। लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है। यहीं कारण है कि अब शहर में स्ट्रीट लाइट तक ठीक नहीं हो रही है। अगर शहर को सुंदर या मॉडल सिटी बनाना है तो अधिकारियों के साथ शहरवासियों को भी आगे आना होगा। तभी इस मकसद में हम कामयाब हो सकते हैं।

वीरेंद्र नारंग

पूर्व प्रधान नगरपरिषद फतेहाबाद।

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Posted By: Jagran

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