जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : बोगस परमल धान खरीद का मामला सामने आने के बाद अब इसकी जांच शुरू हो गई। शनिवार को गठित टीमों ने विभिन्न राइस मिलर्स में जाकर उनके पास मौजूद स्टॉक की जांच की। इससे राइस मिलर्स संचालकों में हड़कंप मंच गया। मिलर्स एसोसिएशन के सदस्य जांच पर टिप्पणी भी नहीं कर रहे। वहीं अधिकारी भी शुरूआती जांच रिपोर्ट के बारे में कुछ भी नहीं बता रहे। विदित रहे कि जिले में इस बार परमल धान की रिकार्ड 81 लाख क्विंटल खरीद हो चुकी हैं। यह खरीद विभिन्न सरकारी एजेंसियों के मार्फत हुई है। जिले में परमल धान का रकबा कम होने के बाद लाखों क्विंटल धान की खरीद होने से इसमें गड़बड़ी होने का मुद्?दा उठा। इसके बाद शुक्रवार को उपायुक्त ने बोगस धान खरीद की जांच के लिए 18 टीमों का गठन किया। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल किए गए।

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173 राइस मिल, बुधवार को पूरी होगी जांच :

जिले में 173 राइस मिल हैं। पहले दिन 35 मिल में पड़े धान के स्टॉक की जांच हुई। यह जांच टोहाना, रतिया, जाखल के क्षेत्र में जाकर मिलर्स में धान के स्टॉक, उनकी स्टॉक क्षमता, धान की बोरियों का वजन भी किया गया। इस दौरान राइस मिलर्स से बयान भी लिए गए। गठित टीम की सक्रियता को देखते हुए राइस मिलर्स जांच को दबाने का प्रयास शुरू कर दिया है। प्रशासन भी उनके दवाब में आकर जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रहे।

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दैनिक जागरण ने उठाया था मुद्दा :

जिले में धान की बोगस खरीद का मुद्दा दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया। इसको लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए। उसके बाद हरकत में आए उपायुक्त ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। जांच में कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल है। जांच में पक्षपात के भी आरोप न लगे। इसलिए राइस मिलर्स एसोसिएशन के सदस्यों को भी शामिल किया गया है।

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उपायुक्त द्वारा गठित टीमों ने शनिवार को 35 राइस मिलर्स की जांच की। जांच आगामी चार दिन तक चलेगी। फिलहाल गठित कमेटी से रिपोर्ट हमारे पास नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

जांच में पता चल जाएगा।

- प्रमोद शर्मा, डीएफएससी।

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