जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : बारिश होने के बाद वन विभाग ने पौधारोपण अभियान शुरू कर दिया है। सरकार को प्रभावित करने के लिए जिला प्रशासन ने 17 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। ये पौधे लगाने के लिए विभाग भी तय कर दिए। लेकिन लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी किसकी होगी। यह तय नहीं है। वहीं आमजन को सरकारी नर्सरियों से पौधे भी नहीं दिए जाएंगे। चाहे वे इसके लिए रुपये भी अदा करने को तैयार क्यों न हो। उसके बाद भी पौधे नहीं मिलेंगे। यह हालत उस जिले की है। जिसमें वन क्षेत्र अब महज 3 फीसद है। उसके बाद भी आमजन को पौधे देने पर सरकार ने रोक लगा दी। इसके भविष्य में गंभीर परिणाम आएंगे।

वहीं, जिले में रविवार यानी 25 जुलाई को वन महोत्सव मनाया जाएगा। इसको लेकर कई जगह कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिसमें पौधे लगाने के साथ पर्यावरण बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। वन विभाग के अनुसार जिले की नर्सरियों में इस बार 7 लाख पौधे तैयार किए गए है। 10 लाख पौधे सरकार बाहर से खरीद कर जिले में भेजेगी। ये सभी पौधे सरकारी विभागों के साथ मिलकर लगाए जाएंगे। जिसमें शिक्षा, जिला विकास एवं पंचायती विभाग, सिचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग प्रमुख है। पंचायतों को 3 लाख तो शिक्षा विभाग को 2 लाख की जिम्मेदारी

वन विभाग जिले में खुद 4 लाख पौधे लगाएंगे। वहीं पंचायतों को 3 लाख पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह शिक्षा विभाग को 2 लाख पौधे लगाने की जिम्मेदारी तय कर दी। प्रशासन का दावा है कि प्रत्येक पंचायत में 1 हजार पौधे लगाएंगे। वहीं स्कूलों में बच्चों के माध्यम से पौधगिरी के तहत पौधे लगाए जाएंगे। पिछले चार साल से चल रहे पौधगिरी अभियान के तहत अब तक 10 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। लेकिन इनमें से 10 फीसद पौधे ही पेड नहीं बन पाए। इसी तरह दूसरे विभागों में लगाए गए पौधों का भी हश्र हुआ है। वन विभाग के जानकारों का कहना है कि पौधा तभी पेड़ बनेगा, तब उसकी नियमित देखभाल हो। नियमित देखभाल के लिए वन विभाग में ही कर्मचारी है। लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी पंचायतों, स्कूलों व अन्य विभाग पर डाली जा रही है। जो सही नहीं। बच्चों को पौधगिरी अभियान में मिल रहे सफेदा व पहाड़ी बकैन के पौधे

सरकार बच्चों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण करना चाहती है। इसके लिए बच्चों को अपने घरों में पौधे लगाने के लिए दिए जा रहे है। जिसमें सरकार बच्चों को फलों के पौधे देने की बजाए कमर्शियल पौधे दे रही है। उनमें सफेदा, पहाड़ी बकैन, बबूल के पौधे शामिल है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सलाहकार देवेंद्र दहिया ने इसको लेकर एतराज जताया है। उनकी मांग है कि बच्चों को घरों में लगाने के लिए फलों के पौधे उपलब्ध करवाए, ताकि वे उनकी सही से देखभाल कर सके। भविष्य में फल भी मिले। कृषि वानिकी का प्रावधान नहीं, सामुदायिक वानिकी भी बंद

वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार के पास कृषि वानिकी योजना का प्रावधान नहीं है। दो साल पहले तक चल रही सामुदायिक वानिकी विग को बंद कर दिया गया है। ऐसे में किसानों के खेत में अब पौधे लगाने का नियम नहीं है। किसान खुद चाहे तो पौधे लगा सकता है। इसके लिए उसे निजी नर्सरी से महंगे रेट में पौधे खरीदने होंगे। इससे पहले सरकार सामुदायिक वानिकी के तहत किसानों के खेत में कमर्शियल लगाती थी। इतना ही नहीं उनकी देखभाल के लिए खर्च किसान को दिया जाता था, लेकिन अब यह योजना भी बंद कर दी। जिले में वन विभाग की 8 नर्सरियां, फिर भी आमजन को नहीं मिलेंगे पौधे

जिले में वन विभाग की 8 नर्सरियां है। इनमें कभी 12 लाख तक पौधे हर सीजन में तैयार होते थे, लेकिन इस वर्ष इनमें 7 लाख पौधे तैयार किए गए है। लेकिन ये पौधे आमजन को नहीं मिलेंगे। वहीं वन विभाग के कर्मचारी बताते है कि सरकार ने बाहर प्राइवेट नर्सरियों से पौधे खरीदे है जो अब जिले में लगाए जाएंगे। दरअसल, जिले में नर्सरी भूना, चांदपुरा, ब्राहमणवाला, सालमखेड़ा, बड़ोपल, चिम्मो, टोहाना व गिल्लाखेड़ा में है। पहले आमजन को यहां एक रुपये में एक पौधा दिया जाता था। इसके बाद 10 रुपये प्रति पौधा कर दिया था। लेकिन अब आमजन को पौधे देने पर पूर्णत: रोक है। आज मनाया जाएगा वन महोत्सव : डीएफओ

जिला में 25 जुलाई रविवार को वन महोत्सव मनाया जाएगा। इसके खंड व उपमंडल स्तर पर पौधोरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं रविवार सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में उपायुक्त द्वारा पेंटिग व क्विज प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस बार 17 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। आमजन को पौधे देने का निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा।

- राजेश माथुर, जिला वन अधिकारी। जिले में वन क्षेत्र हेक्टेयर में

वन का प्रकार क्षेत्र

सघन वन 38

संरक्षित वन 4152

अवर्गीकृत वन 48

कुल वन क्षेत्र 4290

जिले का कुल क्षेत्रफल : 253250

जिले में वन विभाग की नर्सरी : 8

उनमें इस बार तैयार किए गए पौधे : 7 लाख

Edited By: Jagran