जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले के सात गांव के सैकड़ों किसानों के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में 1 अरब से अधिक रुपये बकाया है। ये रुपये चार साल से लंबित है। उसके बाद भी इन गांव के किसानों को रुपये जारी नहीं किए जा रहे। जबकि फतेहाबाद, हिजरावां व बरसीन के किसानों को रुपये जारी किए हुए दो साल से अधिक समय हो गया। अब पिछले दिनों धांगड़ के किसानों को भी एनएचआइ ने बकाया 16 करोड़ रुपये जारी कर दिए। जिन गांव के किसानों को रुपये नहीं मिले वे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ जिला राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भी भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं।

दरअसल, हिसार से डबवाली तक बनाए गए फोरलेन में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। उन किसानों को सरकार की नीति के तहत जितना अवार्ड मिला था, अब उतनी ही रकम की 70 फीसद दी जाएगी। इसे स्लेटियम बोला जाता है। फतेहाबाद के गांव भोड़ा होसनाक, खाराखेड़ी, बड़ोपल, गिल्लाखेड़ा, दरियापुर, करनौली व कुक्कड़ावाली के किसानों को रुपये नहीं मिल रहे। इन गांवों के किसानों एक अरब रुपये बकाया है। इन गांव के किसान महेंद्र, कृष्ण, राजेंद्र व हरि सिंह का कहना है कि जब अन्य चार गांव व शहर के लोगों को रुपये जारी हो गए तो उन्हें रुपये जानबूझकर नहीं दिए जा रहे। इससे वे आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।

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रुपये जारी होने से मार्केट में तेजी आने की संभावना :

किसानों को बकाया रुपये जारी होने से मार्केट में तेजी आएगी। पहले मिले रुपयों से लोगों ने खूब मकान बनाए व वाहन खरीदे थे। इस बार भी वाहनों के साथ जमीन भी खरीदने की संभावना है। इसकी वजह है कि उन लोगों को पिछले बार के मुकाबले ही रुपये मिलेंगे। इसकी वजह है कि रुपयों पर ब्याज भी मिलेगा। मार्केट में आई सुस्ती को फोरलेन से मिलने वाले रुपये दूर करेंगे।

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गांव धांगड़ के किसानों को रुपये जारी हो गए। बाकि गांवों के किसानों के रुपयों की रिपोर्ट बनाकर भेजी हुई है। रुपये प्राधिकरण को देने है। जैसे ही रुपये आएंगे तो संबंधित किसानों को जारी कर दिए जाएंगे। इन रुपयों में राजस्व विभाग की दखल नहीं है।

- राजेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी।

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