यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आज की नारी स्वावलंबी है: सत्या भल्ला
डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित समारोह में महिलाओं को सम्मानित किया गया।

जासं, फरीदाबाद : मानव रचना शैक्षणिक संस्थान में डॉ.ओपी भल्ला फाउंडेशन की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर स्वयं सिद्ध कार्यक्रम मनाया गया। इस मौके मानव रचना की मुख्य संरक्षक सत्या भल्ला की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल्स की निदेशक संयोगिता शर्मा, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-14 की प्रधानाचार्या ममता वाधवा और मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-46 (गुरुग्राम) की प्रधानाचार्या धृति मल्होत्रा को सम्मानित किया।
अपने संबोधन में सत्या भल्ला ने कहा कि आज की महिलाएं स्वावलंबी हैं, वह हर कार्य में आगे हैं। महिलाएं अपने जीवन में तीन मुख्य भूमिका निभाती है, जो बेटी, पत्नी और मां के रूप में होता है। जब वो बेटी होती है तो माता-पिता संरक्षक होते हैं, जब बीवी होती है तो पति सब कुछ होता है और जब वह मां बनती है तो उसकी भूमिका अग्रणीय हो जाती है।
इस कार्यक्रम में मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के ट्रस्टी डॉ. एमएम कथूरिया, एमआरआइआइआरएस के वीसी डॉ. एनसी वाधवा, एमआरयू के वीसी डॉ.आईके भट्ट, डॉ.छवि भार्गव शर्मा मौजूद थे।
