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    फरीदाबाद में Bulldozer Action से चारों तरफ मच गई खलबली, वन विभाग ने चार अवैध निर्माण किया ध्वस्त

    By Jagran News NetworkEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Fri, 20 Jun 2025 08:36 PM (IST)

    फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, नगर निगम और वन विभाग द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ विध्वंस अभियान जारी है। शुक्रवार को, एक रिजॉर्ट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया और तीन अन्य फार्म हाउसों पर भी कार्रवाई की गई। इस अभियान का लक्ष्य 6793 से अधिक अवैध ढांचों को हटाना है। इस कार्रवाई के विरोध में, अनंगपुर गांव के निवासियों ने सड़क जाम कर दी, उनका दावा है कि उनकी जमीनें वन अधिनियम से भी पुरानी हैं और वे अपने गांव को टूटने नहीं देंगे।

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    फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम और वन विभाग का पीला पंजा शुक्रवार को भी चला। टीम ने एक रिजार्ट का भवन पूरी तरह गिरा दिया गया। इसपर बृहस्पतिवार को भी कार्रवाई हुई थी। तीन अन्य फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की गई। जिला वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वन क्षेत्र से 6793 से अधिक छोटे-बड़े अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपनी है, इसलिए लगातार पिछले आठ दिनों से कार्रवाई जारी है। अभी तक 60 बैंक्वेट हाल, फार्म हाउस और मैरिज गार्डन को ढहाया जा चुका है। सैंकड़ों पुलिस के जवान और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में सूरजकुंड राेड स्थित रिजार्ट और एक फार्म हाउस को पूरी तरह ढहा दिया गया। एक अन्य फार्म हाउस की चहारदीवारी अरावली वन क्षेत्र के अंतर्गत आ रही थी। चहारदीवारी को तोड़ा गया। जबकि सल्तनत फार्म हाउस का कुछ हिस्सा तोड़ा गया है। इसपर शनिवार को दोबारा कार्रवाई की जाएगी।

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    ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया रोष

    अनंगपुर गांव के निवासियों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीण सूरजकुंड-दिल्ली रोड पर बैठ गए और सड़क जाम कर दी। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि कार्रवाई के खिलाफ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और जिला उपायुक्त विक्रम सिंह से भी मिले थे। सुबह सूचना मिली की गांव में तोड़फोड़ होगी, जिससे लोग परेशान हो गए। विरोध जताने लगे।

    जाम की सूचना पाकर थाना सूरजकुंड पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने के बाद ग्रामीणों ने रास्ता छोड़ दिया। लेकिन सूरजकुंड रोड के समीप एक खाली जगह पर पूरे दिन बैठकर धरना दिया। लोगों का कहना है कि फारेस्ट एक्ट बाद में लगा है हमारी जमीनें यहां पहले से हैं। यह पुरखों की जमीन है। गांव को नहीं टूटने देंगे। लोगों का वीडियो इंटरनेट मीडिया तेजी से प्रसारित हो रहा है।