परवान पर सूरजकुंड मेला, दूसरे शनिवार को एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे; आज डेढ़ लाख की उम्मीद
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला अपने चरम पर है, दूसरे शनिवार को एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। वैलेंटाइन वीक के ...और पढ़ें
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सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला के दूसरे शनिवार को उमड़े लोग, भीड़ देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मेला अब अपने परवान पर है। संजय शर्मा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला अब अपने यौवन पर पहुंच चुका है। जैसा कि उम्मीद जताई जा रही थी, दूसरे शनिवार को मेला में एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। भीड़ बढ़ने का एक कारण वैलेंटाइन वीक भी है, जो सात फरवरी से शुरू हो गया है।
दोस्तों, परिवार और कपल के साथ सुबह 11 बजे से लोग मेला परिसर में पहुंचने लगे थे, चारों तरफ ढोल और बीन की धुन पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही थी। पर्यटक अपने पैरों को रोक नहीं पाए और ढोल की थाम पर थिरकने हुए दिखाई दिए। वहीं कुछ पर्यटक तो विदेशी कलाकारों के साथ भी ताल मिलाते और नाचते हुए नजर आए। लोगों की भीड़ स्टाल संचालकों के चेहरे पर भी रौनक ले आई।
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मेला परिसर में बीन की धुन पर थिरकते हुए कलाकार। जागरण
मुख्य चौपाल और छोटी चौपाल पर देशी-विदेशी कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। चौपाल पर देश विदेशी की संस्कृति की अनूठी झलक देखने वाले लोगों की से कुर्सियां भरी हुई थी। दोपहर बाद देसी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। मेले में छोटी चौपाल पर शनिवार को दिनभर आयोजित हुई प्रस्तुतियों में लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य, सूफी संगीत, नाटक, रागिनी और हास्य कार्यक्रमों ने पर्यटकों से तालियां बटोरी।
सांस्कृतिक विविधता से भरपूर इन प्रस्तुतियों ने मेले में आए देश-विदेश के पर्यटकों को भारतीय कला और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिला। शनिवार को शाम को मुख्य चौपाल पर हास्य कलाकार अमित टंडन ने प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों के मन को मोह लिया।
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मेला परिसर में ढोल की थाम पर नाचते हुए पर्यटक। जागरण
विभिन्न राज्यों के परिधान, खेल के सामान और घर को सजाने से संबंधित सामान की सबसे अधिक खरीदारी हुई है। कई स्टाल पर सेल का बोर्ड लगाकर डिस्काउंट पर सामान बेंचा जा रहा है। कुछ सूट और साड़ियों के स्टाल पर सेल के बोर्ड लगाए गए हैं। दोपहर होने के बाद लोगों को जब भूख ने सताया तो फूड कोर्ट की ओर बढ़े। मेला परिसर फूड कोर्ट में लगे स्टाल पर सजाए गए व्यंजनों की खुशबू ने मानों भूख बढ़ा दी।
पकवानों का भी जमकर उठाया लुत्फ
दर्शकों ने राजस्थान का दाल-बाटी चूरमा,गट्टे की सब्जी, गोहाना का जलेबा, बिहार का लिट्टी चोखा, पकौड़े, छोले भठूरे सहित अन्य व्यंजनों का आनंद लिया। दोपहर में भीड़ का यह आलम रहा कि फूड कोर्ट में सभी तरह के व्यंजनों के स्टाल पर कुछ भी लेने के लिए लोगों को हाथ में पैसे लेकर इंतजार करना पड़ा। खाना खाने के बाद एक बार फिर लोग स्टाल की ओर लौटे और जमकर खरीदारी की।
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गाजीपुर से सूरजकुंड मेले में आए कैशरजहां और उनके पिता जुल्फकार अपनी जूट वाल हैंगिंग क्राफ्ट को दिखाते हुए। जागरण
एक लाख से अधिक लोगों को पहुंचने का दावा
मेला में 11 बजे से लेकर शाम छह बजे तक पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर के समय मुख्य चौपाल से लेकर छोटी चौपाल, फूड स्टाल और स्टाल पर लोगों की भीड़ रही। शाम को एक पर भी मेला परवान पर रहा। सेल्फी प्वाइंट्स और बहरूपिए के साथ बच्चों से लेकर बुजुर्गे मीठी यादों को कैमरे में कैद करते हुए दिखाई दिए।
मेला का क्रेज इस कदर दिखाई दिया कि लोग व्हीलचेयर पर मेला देखने पहुंचे थे। मेला प्रबंधन का दावा कि शनिवार को एक लाख से अधिक दर्शकों ने मेला का दीदार दिया है। हालात ऐसे बन गए थे कि सभी पार्किंग फुल हो गई। प्रबंधन के अनुसार रविवार को डेढ़ लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। वैंलेटाइन वीक में मेला में सबसे अधिक भीड़ पहुंचती है।
