जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : दिन ढलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग, सिक्स लेन बाइपास सहित शहर से लेकर गांव तक की अधिकतर सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई जगह स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है तो काफी जगह खराब हैं। अधिकतर जगह की सड़कें जर्जर हैं और इन पर गड्ढे बने हुए हैं। इस कारण रोजाना हजारों वाहनों को परेशानी हो रही है। बारिश का मौसम होने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर हालात खराब हैं।

गुडईयर चौक से लेकर बल्लभगढ़ की ओर अभी लाइटें नहीं लगाई जा सकी हैं। इस कारण रोज हादसे हो रहे हैं। अधिकतर हादसे अंधेरे में रात को ही होते हैं। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से तेजी से स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम नहीं किया जा रहा है। पिछले दिनों के आंकड़े देखे तो हर महीने 5 से 7 लोग राजमार्ग पर सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा अन्य सड़कों पर भी रोज हादसे हो रहे हैं। उधर, सिक्स लेन बाइपास की बात करें तो यहां भी काफी लाइटें खराब पड़ी हैं। इसके अलावा आगरा व गुरुग्राम नहर पर बनाए गए नए पुलों पर भी लाइटों का प्रबंध नहीं हो सका है। अभी दोनों नहर पर पुराने पुल भी चालू हैं लेकिन वाहनों का सफर अंधेरे में ही हो रहा है। मैं रोजाना राजमार्ग सहित शहर की अन्य सड़कों से गुजरता हूं। कई बार अंधेरे की वजह से आवारा पशु व सड़क पर खड़े वाहन दिखाई नहीं देते। इससे हादसे बढ़ रहे हैं। सभी सड़कों पर लाइटों का प्रबंध होना चाहिए।

-दीपक यादव, सेक्टर-28 सड़क हादसे रोकने हैं तो लाइट की व्यवस्था करनी ही होगी। नहीं तो दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता ही रहेगा। सड़क हादसा होने पर संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

-अर्चना शर्मा, सेक्टर-31 आगरा नहर पर पुलों का निर्माण उत्तर प्रदेश ¨सचाई विभाग द्वारा किया गया है। अगर कहीं लाइटें नहीं लगी हैं तो इसका प्रबंध करा दिया जाएगा।

-राहुल ¨सह, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग। जल्द खराब स्ट्रीट लाइटें बदल दी जाएंगी, जहां लाइटें नहीं हैं, वहां लाइटों का प्रबंध किया जाएगा।

-मोहम्मद शाइन, नगर निगम आयुक्त

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