जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : पैरा एशियन खेलों में पदक विजेता और अर्जुन अवार्डी मनीष नरवाल से अब उनके चाहने वाले एवं पैरालंपिक कमेटी आफ इंडिया के पदाधिकारी टोक्यो पैरालंपिक में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाए हुए हैं। कमेटी के चेयरमैन जेपी नौटियाल एवं कोच सुभाष राणा के अनुसार मनीष को दो पदक अवश्य जीतने चाहिए। इन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मनीष पैरालंपिक की तैयारियों में जुट गए हैं। मनीष का एक हाथ जन्म से ही खराब है। अभ्यास के लिए सुबह दिल्ली निकल जाते हैं और देर शाम तक अभ्यास करते हैं। ।

मनीष से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें इसलिए भी बढ़ गई हैं, क्योंकि उसने मानव रचना शिक्षण संस्थान में चल रही प्रथम पैरा नेशनल शूटिग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल एवं 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीते हैं। पैरालंपिक में मनीष इन्हीं इवेंट में हिस्सा लेंगे। मनीष अब तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 और अंतरराष्ट्रीय में 17 पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा 10 मीटर एयर पिस्टल एवं 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में 10 बार रिकार्ड बना चुके हैं। भविष्य को लेकर चितित रहते थे पिता

मनीष के पिता दिलबाग सिंह व्यापारी हैं और मनीष के भविष्य को लेकर काफी चितित रहते थे। दिलबाग सिंह एक मित्र ने शूटिग कराने की सलाह दी थी। उन्होंने अपने मित्र की सलाह मानते हुए शूटिग में डाल दिया है। इसके बाद मनीष ने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा और एक बाद एक कई पदक जीतते हुए अपने पिता की सभी चिताओं पर पूर्ण विराम लगा दिया और अब वह टोक्यो पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। अब भाई-बहन भी कर रहे हैं शूटिग

मनीष के नक्शे कदम पर उनके छोटे भाई बहन भी चल पड़े हैं। मनीष से छोटी बहन तमन्ना की पढ़ाई में रुचि हैं, जबकि उससे छोटी बहन शिखा अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर है। उसने दो वर्ष पूर्व हुई दोहा कतर में हुए एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा सबसे छोटा भाई शिवा नरवाल खेलो इंडिया में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक प्राप्त कर रहे हैं।

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