यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हमारे हास्टल के ऊपर से गुजर रहे लड़ाकू विमान..
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ चुका है।

अभिषेक शर्मा, फरीदाबाद : रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ चुका है। इस युद्ध ने उन लोगों की चिता बढ़ा दी है जिनके स्वजन यू्क्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं। लोग अपने स्वजन से फोन से संपर्क करके उनके हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं। पलवल में रहने वाली पूनम सिंह व संतोष सिंह की बेटी वंशिका भी यूक्रेन के टेर्नाेपिल शहर में फंसी हुई हैं। वह टेर्नोपिल मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।
पूनम ने बताया कि रूस एवं यूक्रेन के बीच के तनाव को देखकर काफी चितित थी और वंशिका को स्वदेश बुलाने कोशिश कर रही थी, लेकिन कालेज मैनेजमेंट स्थितियां सामान्य बताकर वहीं पर बच्चों को रोक रखा था। कई अभिभावक कालेज प्रबंधन ने आनलाइन पढ़ाई की मांग कर रहे थे, लेकिन बच्चों के भविष्य का हवाला देकर कालेज प्रबंधन आफलाइन पढ़ाई पर ही अड़ा था। अब वंशिका सहित अन्य कई बच्चे टेर्नाेपिल में फंस गए हैं। कभी भी टूट सकता है संपर्क
पूनम ने बताया कि वह बेटी को लेकर चितित हैं। उससे लगातार फोन पर बात कर रही हैं। युद्ध की वजह से संचार व्यवस्था लगातार संकुचित हो रही है। उसने बताया है कि कभी भी फोन का संपर्क टूट सकता है। उसे लेकर मन बहुत अशांत है। कालेज हास्टल के ऊपर से गुजरते रूस के लड़ाकू विमानों की आवाज फोन पर भी सुनाई दे रही थी। हम बच्चों की सुरक्षा को लेकर चितित हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि सब ठीक रहे। एंबेसी से भी नहीं हो पा रहा संपर्क
यूक्रेन के हालात को देखते हुए सुबह से एंबेसी से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा है। इसके अलावा पीएमओ कार्यालय की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर भी कोई रिस्पान्स नहीं मिल रहा है। पूनम ने बताया कि वंशिका की 28 फरवरी की टिकट बुक है, लेकिन हालात को देखते हुए नहीं लगता कि वह वापस आ पाएगी। तीन महीने पहले देखा था
पूनम सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि वंशिका पिछले वर्ष नवंबर में स्वदेश आई थी। कालेज शुरू होने के बाद वापस लौट गई थी। तबसे केवल फोन पर ही बात होती थी। कीव एयरपोर्ट से लौटाया गया
यूक्रेन में फंसी वंशिका ने दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत में बताया कि बृहस्पतिवार को उनके सहपाठी स्वदेश लौटने के लिए कीव के लिए रवाना हुए थे, लेकिन सेना ने उन्हें एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया। उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। वंशिका ने बताया कि वह एंबेसी के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने रोजमर्रा की वस्तुओं को भंडारण करने एवं घर पर ही रहने के लिए कहा है। इसके अलावा रूसी सेना ने एयरपोर्ट को निशाना बनाया है। इसके चलते हवाई यात्रा रद कर दी गई है। एंबेसी हमें सड़क के रास्ते सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिश करेगी। पलवल की पंचवटी कालोनी में रहने वाले यश भारद्वाज ने बताया कि यहां पर रहने वाले सभी भारतीय छात्र बहुत डरे हुए हैं। सुबह सोकर उठे, तो पता चला कि रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है और सभी को घर पर ही रहने के कहा गया। लड़ाकू विमान हमारे हास्टल के ऊपर से गुजर रहे हैं। हमारी भारत सरकार से अपील है कि हम सबको यहां से सुरक्षित निकालने का प्रबंध करे। मेरा बेटा विकास पोल्टावा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसकी सुरक्षा को लेकर काफी चितित हूं। दोपहर दो बजे बात हुई थी। उसके बाद इंटरनेट बंद हो गया। उसे पश्चिम की ओर जाने के निर्देश दिए गए हैं। शायद वह पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा होगा। सरकार से अपील है कि वह बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करे।
-डा.महेश, पलवल
