फरीदाबाद, जागरण संवाददाता। हरियाणा पुलिस पर थर्ड डिग्री टार्चर करने और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाने वाले अकबर पर ही अब दोस्त से 10 लाख रुपये उधार लेकर वापस न देने की नीयत से लूट का ड्रामा रचने की बात सामने आई है। इस संबंध में धौज थाना पुलिस ने इस ड्रामे में साथ देने वाले हेड कांस्टेबल सुशील समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस ड्रामे में आरोपितों का सहयोग करने वाले हेड कांस्टेबल सुशील को गिरफ्तार भी कर लिया है। बाकी तीन आरोपितों की तलाश की जा रही है।

दैनिक जागरण ने मंगलवार को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए यह समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। पुलिस आयुक्त ने तुरंत इस मामले की डीसीपी क्राइम से जांच कराई। जांच में मामला कुछ और ही पाया।

क्या है पूरा मामला

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के अनुसार सेक्टर-62 स्थित आशियाना फ्लैट में रहने वाले अकबर ने अपने एक दोस्त नफीस से 10 लाख रुपये उधार यह कहकर लिए थे कि हफ्तेभर में ही वह उसे इसके बदले साढ़े 11 लाख रुपये दे देगा। नफीस ने मुनाफे के चक्कर में 10 लाख रुपये दे दिए। पुलिस के अनुसार, अकबर 10 लाख रुपये हड़पना चाहता था। इसलिए उसने हेड कांस्टेबल सुशील के साथ मिलकर योजना तैयार की। इसके तहत 15 दिन पहले अकबर नफीस को एक गाड़ी में बिठाकर पाखल की ओर ले गया। वहां से अकबर ने किसी से दो ¨क्वटल गांजा लिया और गाड़ी में रखकर वापस चल दिया। नफीस को नहीं पता था कि कट्टों में क्या है। योजना के तहत थोड़ी दूरी पर हेड कांस्टेबल सुशील मिल गया। उसने गाड़ी रुकवा ली और चेकिंग के दौरान गांजा पकड़ लिया। इसी दौरान अकबर के दो साथी आ गए और नफीस को कट्टा दिखाकर डरा दिया। नफीस वहां से भाग खड़ा हुआ। क्योंकि मामला पुलिस के पास पहुंच गया था, इसलिए नफीस ने अपने पैसे अकबर से नहीं मांगे।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के अनुसार इस तरह चारों ने नफीस के 10 लाख रुपये हड़प कर लिए। अब जब अकबर ने क्राइम ब्रांच पर आरोप लगाया तो पूरी सच्चाई सामने आई। अब अकबर व उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है।

अमानवीयता के आरोपों में सच्चाई नहीं

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के अनुसार अकबर ने क्राइम ब्रांच बीपीटीपी पर अमानवीय व्यवहार के जो आरोप लगाए हैं, वो अपने अपराध को दबाने के लिए लगाए हैं। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।

जब आरोप लगे तो किया केस दर्ज

यहां सवाल खड़ा होता है कि इतना बड़ा मामला पुलिस के संज्ञान में पहले क्यों नहीं आया। जब क्राइम ब्रांच बीपीटीपी पर अकबर ने आरोप लगाए तो आनन-फानन में केस दर्ज कर लिया गया, जबकि ये घटना करीब 15 दिन पहले की बताई जा रही है। पुलिस को इस मामले का शिकायतकर्ता नफीस कैसे इतनी जल्दी मिल गया।

 

Posted By: JP Yadav

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