फरीदाबाद [अभिषेक शर्मा]। फ्रंट लाइन वारियर लैब टेक्नीशियन सुनील इस रक्षाबंधन पर अपनी छोटी बहन कविता के घर राखी बंधवाने के लिए पीपीई किट पहनकर जाएंगे। राखी बंधवाने के बाद नागरिक अस्पताल में कोरोना संदिग्धों के नमूने लेते दिखाई देंगे।  सुनील की बहन कविता पलवल के घोड़ी में रहती हैं। सुनील बादशाह खान नागरिक अस्पताल की आइडीएसपी लैब कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेते हैं। उन्हें भय है कि यदि वह बिना सुरक्षा के सामान्य तरीके से उसके घर जाते हैं, तो बहन व उसके स्वजन भी संक्रमित हो सकते हैं।

बहन को बचाने के लिए लिया फैसला

सुनील पांच महीने से नागरिक अस्पताल की आइडीएसपी लैब और मोबाइल वैन पर कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेने के कार्य कर रहे हैं। कोरोना के बीच में लगातार रहते हुए उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और वह अपनी इकलौती बहन कविता के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहते हैं। इसके चलते उन्होंने रक्षाबंधन के दिन बहन कविता के घर पीपीई किट पहनकर जाने का फैसला किया है। वह पांच सुबह गांव घोड़ी के लिए निकल जाएंगे और राखी बंधवाकर फरीदाबाद लौटकर ड्यूटी पर आ जाएंगे।

फर्ज है पहले

सुनील ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के लिए सबसे बड़ा त्योहार होता है, लेकिन समाज को बचाना सभी का प्रथम कर्तव्य है। वैश्विक महामारी में राखी बंधवाने के नाम छुट्टी का बहाना लेकर घर नहीं बैठ सकते हैं। यदि सभी रक्षाबंधन के नाम छुट्टी ले लेंगे, तो कोरोना के संक्रमण की लड़ाई कमजोर पड़ जाएगी। उन्होंने किसी भी भाई की कलाई सूनी नहीं रहे, इसके लिए लैब टैक्नीशियनों को छुट्टी दी जा रही है और वह राखी बंधवाकर अपनी ड्यूटी पर वापस भी लौट रहे हैं। रक्षाबंधन वाले दिन सभी लैब टैक्नीशियन ड्यूटी करेंगे।

पतंगबाजी को करेंगे याद

सुनील ने बताया कि उन्हें पतंगबाजी बहुत प्रिय है और बचपन से ही अपनी बहन कविता और उसके बच्चों के साथ पतंगबाजी करता हूं, लेकिन इस बार वह परिस्थितियां भिन्न है। बहन के साथ पतंग नहीं उड़ा पाएंगे। पतंगबाजी के दौरान हम एक दूसरे से अपने सुख-दुख बांटते थे। कोरोना की वजह से कविता के साथ वक्त बिताने का मौका नहीं मिल पाएगा।

Posted By: Prateek Kumar

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