जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में आरटीआइ लगाने वाले चक्कर लगाते रहते हैं, उन्हें समय पर जवाब नहीं मिलता। अहम बात यह भी है कि अधिकारियों को ये भी नहीं पता कि कितनी आरटीआइ लंबित हैं, कितनों का जवाब दे दिया गया, कितनी प्रथम व द्वितीय अपील में हैं। कितनी आरटीआइ पर जुर्माना किया गया, कितना और किस-किस अधिकारी पर किया गया। इन सभी की जानकारी लेने के लिए जब आरटीआइ लगाई तो जवाब नहीं मिला।

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अब राज्य सूचना आयोग ने प्राधिकरण के सूचना अधिकारी को नोटिस भेजा है और कहा है कि क्यों न 25 हजार रुपये तक जुर्माना कर दिया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी। अधिकारियों को इस तारीख से पहले अपना जवाब देना है।

120 दिन पहले लगाई थी आरटीआइ

अजरौंदा क्षेत्र में स्थित सरपंच कालोनी निवासी अजय ने प्राधिकरण में करीब 120 दिन पहले आरटीआइ लगाई थी, लेकिन निर्धारित 30 दिन में जवाब नहीं मिला। प्रथम व द्वितीय अपील से भी राहत नहीं मिली। सूचना आयोग के आदेश के बावजूद सूचना नहीं दी गई। अपील करने पर प्राधिकरण के अधिकारियों को नोटिस भेजा गया। जब जाकर अधिकारियों ने बताया कि सालभर में प्राधिकरण के पास 618 आरटीआइ लगाई गई। इसके बाद जो पाइंट लगाए थे, उनके बारे में जवाब नहीं दिया गया।

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अजय ने बताया कि प्राधिकरण में उनकी 30 से अधिक आरटीआइ लंबित हैं। अधिकतर का जवाब समय पर नहीं दिया गया और जिनमें मिला, वह पूरा नहीं था। प्रथम व द्वितीय अपील की जा चुकी है। चंडीगढ़ के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी जानबूझकर जवाब नहीं देना चाहते। प्राधिकरण के पास आरटीआइ का पूरा रिकार्ड है। कुछ रिकार्ड कार्यालय आकर देखा जा सकता है। यदि किसी को जवाब नहीं दिया गया है तो जांच कराई जाएगी।

Edited By: Versha Singh

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