फरीदाबाद, जागरण संवाददाता। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गरमा गया है। दरअसल, सांप के काटने से इस किशोरी की मौत हो गई थी। इसके बाद मौके पर ही परिजनों ने सांप को भी मार दिया। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए ही परिजनों ने लड़की का अंतिम संस्कार भी कर दिया। वहीं, एक शख्स ने पुलिस को सूचना दी कि मामला अपराध से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में श्मशान घाट पहुंची पुलिस ने किशोरी को जले अवशेष को जांच के लिए भेजने के साथ सांप का भी पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गड्ढे में दबे मरे सांप से शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।

वहीं,  जांच के दौरान अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं। यह रही गलतफहमी की वजह करीब दो महीने पहले इस 16 वर्षीय किशोरी को एक युवक शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर ले गया था। बाद में पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर किशोरी को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वह इस समय जेल में है।

युवक के परिवार वाले किशोरी के परिजनों से खफा हैं। अनुमान है कि उन्होंने ही पुलिस को फोन पर सूचना दी। चूंकि किशोरी का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ था, ऐसे में पुलिस को भी शक की वजह मिल गई और मुकदमा दर्ज करना पड़ा। पुलिस के सामने आए साक्ष्य किशोरी के परिजनों ने पुलिस को एक कार्ड सौंपा है, जिसमें डॉक्टर ने साफ तौर पर सांप के काटने से मौत की बात लिखी है। परिजनों ने बताया है कि किशोरी को वे पहले सेक्टर-16 स्थित चांदना अस्पताल, इसके बाद मेट्रो अस्पताल और आखिर में बादशाह खान अस्पताल लेकर पहुंचे थे। चांदना व मेट्रो अस्पताल के डॉक्टरों ने किशोरी को उनके पास लाए जाने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने किशोरी के घर से मरा हुआ सांप भी बरामद किया है, जिसे परिजनों ने तभी मार दिया था। सांप को भी जांच के लिए पशु अस्पताल सौंपा गया है।

इन रिपोर्ट से होगी स्थिति पूरी तरह साफ पुलिस का कहना है कि सांप की जांच कराई जा रही है, डॉक्टरों से पता किया जाएगा कि उस सांप में कितना जहर होता है। क्या उसका जहर किसी इंसान की जान लेने के लिए काफी है। पुलिस ने किशोरी के अंतिम संस्कार की राख भी कब्जे में ली है। इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इन दोनों रिपोर्टस से स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।

बुधवार को पुलिस टीम ने किशोरी के घर सीन रि-क्रिएट कर पूरी स्थिति को समझने का प्रयास किया। घर पर मौजूद नहीं थे, किशोरी के माता-पिता पुलिस को पता चला है कि मंगलवार रात किशोरी के माता-पिता किसी शादी समारोह में गए हुए थे। घर पर उसका 10 वर्षीय भाई और दादा-दादी थे। तड़के करीब चार बजे किशोरी शोर मचाते हुए अपने कमरे से बाहर आई कि उसे सांप ने डस लिया है। दादा-दादी तुरंत उसके कमरे में गए। शोर सुनकर पड़ोसी भी वहां पहुंच गए। इसके बाद सांप को ढूंढ़कर मार डाला। चूंकि किशोरी की तबीयत बिगड़ने लगी थी, इसलिए परिवार मृत सांप को वहीं छोड़कर किशोरी को लेकर भागे। यही कारण है कि पुलिस को मृत सांप घर में ही मिल गया। हमें जो सूचना प्राप्त हुई, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

 आदर्शदीप सिंह (एसीपी ओल्ड फरीदाबाद) के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं। मृत सांप की भी जांच कराई जा रही है। वहीं अंतिम संस्कार की राख भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। इनकी रिपोर्ट से स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। 

डॉक्टर उपेंद्र (रेजिडेंट्स मेडिकल ऑफिसर) की मानें तो फरीदाबाद अगर किसी को वास्तव में सांप ने डसा है तो उसमें पोस्टमॉर्टम की जरूरत नहीं होती। ऐसे मामले में मृतक की बाहरी जांच से ही मौत का कारण साफ हो जाता है। उस समय जो भी डॉक्टर ड्यूटी पर थे, उन्होंने जांच से पता कर लिया होगा कि किशोरी की मौत सांप के डसने से हुई, इसलिए पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया। इसमें डॉक्टर की गलती नहीं।  

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Posted By: JP Yadav

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