फरीदाबाद [सुशील भाटिया]। History Sheeter Vikash Dubey: कानपुर के 5 लाख के इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, प्रभात मिश्रा व अमर दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने पर फरीदाबाद की रहने वाली अंकुर की मां शांति मिश्रा व पत्नी गुंजन मिश्रा ने संतुष्टि जाहिर की है। जागरण संवाददाता से बातचीत में परिवार ने गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तीनों बदमाशों ने ग्रेटर फरीदाबाद के हरि नगर में 6 जुलाई को अंकुर मिश्रा के घर शरण ली थी। पुलिस ने अपराधी को शरण देने के आरोप में अंकुर मिश्रा व उसके पिता श्रवण मिश्रा को गिरफ्तार किया था और दोनों इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग

शुक्रवार को विकास दुबे का एनकाउंटर होने के बाद दैनिक जागरण से बातचीत में शांति मिश्रा व गुंजन मिश्रा का कहना है कि इन तीनों बदमाशों के मारे जाने के बाद उन्हें अंकुर व श्रवण के जेल से जल्द निकलने की आस बंध गई है। उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से भी गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

चेहरे पर मास्क व चश्मा लगाकर घर में दाखिल हुआ था विकास दुबे

बातचीत के दौरान बेहद भावुक हुईं शांति और गुंजन का कहना है कि कि विकास दुबे से उनकी कोई सीधी रिश्तेदारी नहीं थी। 6 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे विकास दुबे, प्रभात मिश्रा और अमर दुबे उनके घर पहुंच गए। उस वक्त घर पर शांति व गुंजन ही मौजूद थीं, परिवार के पुरुष सदस्य काम पर निकल गए थे। विकास दुबे चेहरे पर मास्क लगाए हुए था और आंखों पर चश्मा था, इसलिए शांति व गुंजन उसे पहचान नहीं पाईं। दरवाजा खुलते ही वह साथियों संग सीधा घर के अंदर घुस गया। शांति का कहना है कि जब उसने चेहरे से मास्क हटाया तो उसे पहचाना।

की थी गुजारिश 'पंडित तुम यहां से चले जाओ'

शांति मिश्रा के मुताबिक उन्होंने हाथ जोड़कर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे से कहा था- 'पंडित तुम यहां से चले जाओ' इसी के साथ उन्होंने तो पुलिस के सामने सरेंडर करने की भी सलाह दी थी। मगर विकास ने उसे धमकाकर चुप करा दिया।

विकास दुबे इस सलाह से इस कदर नाराज हुआ कि उसने गुंजन का मोबाइल भी अपने पास रख लिया। रात को जब अंकुर घर आया तो उसने भी उन्हें घर से चले जाने को कहा, मगर उन्होंने उसे भी धमकी दी। रात में अंकुर और श्रवण के पहचान पत्र ले लिए। इसके बाद विकास अंकुर को अपने साथ लेकर चला गया और उनके नाम पर होटल में कमरा बुक कराया। इस दौरान प्रभात और अमर दुबे यह सुनिश्चित करने के लिए उनके घर पर ही रहे कि परिवार के सदस्य पुलिस को सूचना नहीं दे पाएं। गुंजन मिश्रा, जिनकी एक वर्ष पूर्व ही अंकुर से शादी हुई है ने कहा कि विकास और उसके साथियों ने परिवार के सदस्यों के मोबाइल अपने पास रख लिए थे। वे लगातार हथियारों के दम पर डरा-धमका रहे थे, इसलिए न तो वो शोर मचा पाए और न पुलिस को सूचित कर पाए।

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Posted By: JP Yadav

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