फरीदाबाद [प्रवीन कौशिक]। निर्मल गांव की राह में रोड़ा बना हुआ कचरा अब फरीदपुर ग्राम पंचायत की आमदनी का स्नोत बनता जा रहा है। बीते 26 माह में 46 हजार रुपये का कचरा ग्राम पंचायत बेच चुकी है। साथ ही गलनशील कचरे से बनाई जा रही खाद भी खूब काम आ रही है।

इस योजना से एक साथ कई लाभ लिए जा रहे हैं। पंचायत द्वारा किया जा रहा यह काम अन्य ग्राम पंचायतों के लिए नजीर बना हुआ है।

आगे आ रही हैं और भी पंचायतें

स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की तरफ चंदावली गांव की पंचायत भी कदम आगे बढ़ा रही है। पंचायत ने बीते कुछ माह में 9 हजार रुपये का कचरा बेचा है। इसके अलावा जिले में 10 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो इस कमाई की राह पर चल पड़ी हैं। 15 और पंचायतें इस तरह की व्यवस्था शुरू करने वाली हैं। बाकी गांव में भी इस तरह के प्रयास जारी हैं।

दरअसल, शहर में तो घर-घर व खत्तों से कचरा उठाने के लिए कर्मचारी काम करते हैं, पर ग्रामीण इलाकों में ऐसी व्यवस्था नहीं है। कुछ गांव में घर-घर से कचरा तो उठाया जा रहा है, पर इस कचरे का क्या किया जाए, इसकी योजना पर अब काम शुरू हो गया है।

ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कई गांव में यूनिट लगाई गई

स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के जिला कार्यक्रम अधिकारी उपेंद्र सिंह के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कई गांव में यूनिट लगाई जा चुकी हैं। हमारा प्रयास है कि मार्च 2020 से पहले सभी गांव इस यूनिट को लगाकर काम शुरू कर दें। इससे न केवल स्वच्छता को बल मिलेगा बल्कि ग्राम पंचायतें आमदनी भी कर सकेंगी।

फरीदपुर गांव की सरपंच सविता ने बताया कि हमारे यहां के गांवों में घर-घर से कूड़ा एकत्र कर छंटाई होती है। गलनशील व अगलनशील को अलग कर आमदनी की जाती है। जबकि चंदावली गांव की सरपंच अंजू यादव ने बताया कि कचरे का सदुपयोग जरूरी हो गया है। जहां देखो कचरे के ढेर ही नजर आते हैं। हमारी ग्राम पंचायत इस अभियान को बल दे रही है।

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Posted By: Mangal Yadav

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