फरीदाबाद [हरेंद्र नागर]। फरीदाबाद के डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर की आत्महत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में जुटी पुलिस को अब तक जितने भी साक्ष्य को मिले हैं, उनके आधार पर यह कहा जा सकता है कि डीसीपी विक्रम कपूर बीते तीन दिनों से आत्महत्या करना चाह रहे थे। वह किन हालात में रहे होंगे, इसका अंदाजा लगाना बहुत आसान नहीं है। उन्होंने बुधवार सुबह करीब 6.00 बजे मॉर्निंग वॉक से लौटने के बाद खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। कुरुक्षेत्र के रहने वाले विक्रम कपूर 1983 में एएसआई के पद पर भर्ती हुए थे। साल 2017 में आईपीएस प्रमोट हुए थे।

कॉन्स्टेबल की रिवॉल्वर से गोली मार कर की आत्महत्या

जिस सर्विस रिवॉल्वर से डीसीपी विक्रम कपूर ने अपनी जिंदगी खत्म की, वह सर्विस रिवॉल्वर उनकी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल मुकेश की थी। मुकेश से वह बीते तीन दिनों से रिवॉल्वर उनके पास ही छोड़ कर जाने को कह रहे थे। मुकेश ऐसा ही कर भी रहा था। उसे क्या मालूम कि किस मकसद से कपूर उससे रिवॉल्वर मांग रहे थे। वैसे, कपूर ने जिस तरीके से खुदकशी की, वह भी सवाल उठाता है।

पूर्व आइपीएस महाराज सिंह ने इस सवाल पर कि क्या किसी सीनियर का अपने जूनियर से रिवॉल्वर या पिस्टल मांगना उचित है, उन्होंने कहा कि अमूमन जूनियर की सारी शक्तियां सीनियर में निहित होती हैं। वह (जूनियर) अपने सीनियर को ना नहीं कह सकता। भला जूनियर को क्या पता कि सीनियर किस कारण से असलहा मांग रहा है? जूनियर का अपने सीनियर को असलहा देना कहीं से गलत नहीं है।

यहां पर बता दें कि फरीदाबाद के डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर की आत्महत्या मामले में सेक्टर-31 थाना पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच कर रही है। डीसीपी के बेटे ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी है।

वहीं, पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि थाना भूपानी एसएचओ अब्दुल शहीद और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिली है। आरोप है कि दोनों लोग डीसीपी को ब्लैकमेल कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने रिवॉल्वर को मुंह में लगाकर गोली मारी थी। आत्महत्या करने वाले विक्रम के परिवार में दो बेटे और पत्नी हैं। उनका एक बेटा पंचकूला में रहता है, जबकि दूसरा बेटा उनके साथ ही रहता था। 

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Posted By: JP Yadav