फरीदाबाद [सुशील भाटिया]। औद्योगिक जिले की ऐतिहासिक नगरी बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर रिकार्ड दूसरी बार विधायक बनने का ईनाम मूलचंद शर्मा को हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में मिला है। मूलचंद शर्मा के दोबारा विधायक बनने से 52 साल पुराना मिथक टूटा था, क्योंकि 1967 से लेकर अब तक ब्राह्मण समुदाय का कोई भी प्रत्याशी दूसरी बार विधायक नहीं बन सका था। मूलचंद शर्मा ने कांग्रेस के प्रत्याशी आनंद कौशिक को 41713 वोटों से हराया था। मूलचंद शर्मा का मंत्री बनना इसलिए भी खास है कि बल्लभगढ़ में 37 साल बाद कोई विधायक मंत्री बना है और वो ऐसे तीसरे विधायक हैं,

जो बल्लभगढ़ क्षेत्र से निवार्चित होकर मंत्री बने। इससे पहले तुहीराम शर्मा 1967 में मुख्यमंत्री राव विरेंद्र सिंह की सरकार में मंत्री बने थे, जबकि बाद में 1968, 72 व 1982 में शारदा राठौर को मंत्री पद मिला था। वर्ष 1982 के बाद से बल्लभगढ़ के हिस्से में कोई मंत्री पद नहीं आया था।

गांव सदपुरा में जन्मे मूलचंद शर्मा शिक्षा ने एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से पोस्ट ग्रेजुएट (इतिहास) की और उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 1991 में लोकदल में शामिल होने से हुआ था। वर्ष 1996 में बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पहली बार समता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े, पर हार गए थे। वर्ष 2000 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य बने। वर्ष 2005 में बल्लभगढ़ से फिर इनेलो टिकट पर चुनाव लड़े, इस बार भी उन्हें शिकस्त मिली। वर्ष 2009 में भाजपा में शामिल हुए और बाद में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। वर्ष 2014 में बल्लभगढ़ से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़े और तब कांग्रेस के लखन सिंगला को

53098 वोटों से हराया था। तब मूलचंद शर्मा को 69074 वोट मिली थी। अब 2019 के चुनाव में मूलचंद शर्मा ने 66708 वाेट लेकर कांग्रेस के आनंद कौशिक को 41713 वोटों से हरा कर दूसरी बार विधायक बने और अब मनोहर सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल हुए। मूलचंद शर्मा हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री रहे प्रोफेसर रामबिलास शर्मा के समधी हैं।

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Posted By: Mangal Yadav

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