फरीदाबाद [सुशील भाटिया]। Ramlila Mahotsav 2022:श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी का मंच युवा मोहित और मीशा को सात समुंदर पार से अपने देश में राम और कैकेयी की भूमिका सार्थक करने के लिए खींच लाया है। डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-14 के सभागार में 26 सितंबर से शुरू हो रही रामलीला के मंच पर दोनों एक बार फिर से अपने किरदारों को जीवंत करते नजर आएंगे। दोनों इन दिनों देर रात तक मुख्य निर्देशक अनिल चावला व कला निर्देशक अजय खरबंदा के निर्देशन में जम कर पूर्वाभ्यास कर रहे हैं।

ग्रेटर फरीदाबाद में रहने वाले 23 वर्षीय युवा मोहित वशिष्ठ पिछले चार वर्ष से श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी के मंच पर प्रभु राम की भूमिका को सशक्त तरीके से निभा रहे हैं। न सिर्फ निभा रहे हैं, बल्कि निभाते हुए राम जी के जीवन से जुड़ी बातों को उन्होंने महसूस किया, उनमें बहुत से गुणों को आत्मसात भी किया। मोहित स्नातक की पढ़ाई करने के बाद एमबीए करने के लिए पिछले साल यूरोपिय देश इटली चले गए।

अब जब रामलीला का समय नजदीक आया तो प्रबंध समिति की बैठक में यह विषय आया कि राम के बिना लीला कैसे होगी। मुख्य निर्देशक अनिल चावला के अनुसार यह परेशानी प्रभु राम की कृपा से कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक गुप्ता ने हल की। इसके लिए पहले मोहित को फोन कर यहां आकर भूमिका निभाने की सहमति ली गई और फिर विवेक गुप्ता ने वीजा लगवा कर व टिकट का प्रबंध करवाया। सात सितंबर को मोहित फरीदाबाद आए और तब से लेकर अब तक पूर्वाभ्यास में जुटे हुए हैं।

किरदार में रमने के बाद स्वयं में पाया बड़ा परिवर्तन

मोहित वशिष्ठ ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि जब उन्हें फोन आया, तब उस दौरान स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत क्रोएशिया देश में वहां की यूनिवर्सिटी में छह महीने के लिए पढ़ने जाने की तैयारी में व्यस्त थे, पर प्रभु राम के इस मंच में इतनी कशिश है और उन पर व परिवार पर श्रीराम की इतनी कृपा हुई है कि वो मना कर ही नहीं सके।

चार साल पहले जब मंच से जुड़े, तो उसके बाद से ग्रेटर फरीदाबाद में नया घर मिल गया, नई गाड़ी आ गई, बड़े भाई की नौकरी लग गई और सबसे बड़ी कृपा उनकी पढ़ाई को लेकर हुई। विश्व की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में से एक इटली की यूनिवर्सिटी आफ बोलोगना में 9000 बच्चों में मात्र 15 युवा स्कालरशिप के साथ पढ़ाई चयनित हुए, जिनमें मेरा भी नाम था। इससे ज्यादा किसी को और क्या चाहिए।

प्रभु राम का हृदय से आभार व्यक्त करते मोहित कहते हैं कि उन्हें 2019 में यह भूमिका अचानक मिली। पहले से यह भूमिका निभाने वाले कलाकार ने मना कर दिया था। तब मैं संगीत गुरु मनमोहन भारद्वाज से संगीत सीखता था, उन्होंने ही मेरा नाम मुख्य निर्देशक को सुझाया। मेरा स्क्रीन टेस्ट हुआ। गायन शैली के साथ डायलाग डिलीवरी के कारण चयन हो गया।

बकौल मोहित, पहले मेरा स्वभाव चिड़चिड़ा था, गुस्से पर नियंत्रण नहीं था, कोई निर्णय नहीं ले पाता था, पर तीन साल से भूमिका निभाने पर सौम्य व्यक्तित्व वाले मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन के बारे में नजदीक से जानने को मिला। अब मेरा बोलने में बदलाव आ गया, क्रोध पर काबू पाया। व्यक्तित्व में निखार आ गया। स्वजन के साथ-साथ दोस्त भी बोलने लगे, अरे मोहित तू तो बिल्कुल बदल गया। अब जब राम जी ने इतना सब कुछ दे दिया, तो स्वयं को सौभाग्यशाली समझते हैं।

कैकेयी का किरदार निभाती हूं, पर सकारात्मक पहलुओं को किया है आत्मसात

हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन व फरीदाबाद नगर निगम की पूर्व उपमहापौर रेनू भाटिया की सुपुत्री मीशा की शादी एक दशक पूर्व अमेरिकन निवासी मानिक सिक्का से हुई। शादी के बाद कैकेयी की भूमिका उनकी छोटी बहन मोनिक निभा रही थी। स्वास्थ्य कारणों से इस बार मौनिक उपलब्ध नहीं थी, तो कमेटी के आग्रह पर मंच से पुराना लगाव मीशा को खींच लाया और अमेरिका के डेलावेयर शहर से कैकेयी की भूमिका निभाने आई हैं। मीशा के अनुसार अभिनय तो उनके खून में है।

उनकी माता स्वयं दूरदर्शन के लिए काम कर चुकी हैं। इसलिए पिछले करीब डेढ़ दशक से मंच से जुड़ी हूं। मीशा कहती हैं कि रानी कैकेयी ने जो कुछ किया, उसमें प्रभु राम की मर्जी थी। बचपन में हम वास्तव में कैकेयी को बुरी नजरों से देखते थे, पर जब किरदार निभाया, तो वास्तविकता पता चली। मैंने कैकेयी के नकारात्मक पहलू की बजाय राम जी और सीता जी के सकारात्मक पहलुओं को आत्मसात कर सच्चाई की राह पर चलने की कोशिश करती हूं।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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