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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana Nikay Chunav : घर से नहीं निकले रईसजादे...मतदान प्रतिशत पर दिखा असर, क्या रही वजह?

By Jagran NewsEdited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 02 Mar 2025 10:17 PM (IST)Updated: Sun, 02 Mar 2025 10:20 PM (IST)

फरीदाबाद के ग्रेटर फरीदाबाद में स्थित ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने मेयर और पार्षद चुनाव में कम रुचि ...और पढ़ें

फरीदाबाद के पॉश इलाकों में मतदान प्रतिशत कम। फाइल फोटो
फरीदाबाद के पॉश इलाकों में मतदान प्रतिशत कम। फाइल फोटो

HighLights

  1. ओमेक्स हाइट्स सोसायटी में 50 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ।
  2. प्रिंसेज पार्क सोसायटी में 875 में से सिर्फ 175 लोगों ने ही मतदान किया।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने मेयर और पार्षद चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। लोगों की सुविधा के लिए सोसायटियों में ही केंद्र बनाए गए थे, इसके बाद भी मतदान का ग्राफ 50 फीसद तक भी नहीं पहुंच पाया।

मतदान प्रतिशत कम

मतदान प्रतिशत कम होने का एक अहम कारण यह भी है कि सोसायटियों के लोगों के वोट बंट गए हैं। एक सोसायटी के लोगों के नाम दो अलग-अलग केंद्रों पर आ गए हैं।

आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के अनुसार, ओमेक्स हाइट्स और ओमेक्स स्पा विलेज में 754 वोट थे, लेकिन सिर्फ 254 लोगों ने ही मतदान किया। बीपीटीपी पार्क ग्रैडुरा सोसायटी में 1255 में से सिर्फ 396 लोगों ने ही मतदान किया।

जबकि ओमेक्स हाइट्स सोसायटी में 50 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। यहां 850 वोट थे। जबकि प्रिंसेज पार्क सोसायटी में 875 में से सिर्फ 175 लोगों ने ही मतदान किया। 700 लोगों ने मतदान किया। जिन लोगों को मतदान करना था, वे सुबह-सुबह ही केंद्रों पर पहुंच गए।

उन्होंने अपनी पसंदीदा पार्टी और प्रत्याशियों को वोट दिया। सोसायटियों में बनाए गए केंद्रों पर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और पेयजल समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई थीं।

सोसायटी में मतदान केंद्र बनाया गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार लोगों ने मतदान किया। लोगों ने अपनी पसंदीदा पार्टी और उम्मीदवार को वोट दिया। सोसायटी में 50 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है।

-चेतन रावत, आरडब्ल्यूए प्रधान, ओजोन पार्क सोसायटी।

पुलिस और चुनाव आयोग के अधिकारियों की निगरानी में सोसायटी के लोगों ने सुबह 8 बजे से ही मतदान किया। लोगों की सुविधा के लिए सोसायटी में ही मतदान केंद्र बनाया गया था, फिर भी ज्यादातर लोग मतदान करने के लिए आगे नहीं आए। कई लोगों के वोट दूसरे केंद्रों पर पड़े, जिस कारण भी मतदान कम हुआ है।

-सतीश, आरडब्ल्यूए प्रधान, बीपीटीपी पार्क ग्रैडुरा।

सभी को मतदान करना चाहिए। यह लोकतंत्र का पर्व है। मतदान प्रतिशत कम होने से लोकतंत्र कमजोर होता है। सुबह सबसे पहले मैंने मतदान किया। धीरे-धीरे सोसायटियों में लोग मतदान के लिए आगे आए।

-राजेश कपूर, ग्रेटर फरीदाबाद।

सुबह सोसायटी में बने पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डाला। सोसायटी के लोगों ने वोटिंग में कम रुचि दिखाई। शाम होते-होते वोटिंग का ग्राफ थोड़ा बढ़ा। लोगों ने मेयर और पार्षद चुनने के लिए ग्राफ के अलग-अलग सेंटर पर वोट किया।

-हेमंत राणा, आरडब्ल्यूए प्रधान, ओमेक्स एसपी विलेज।

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