फरीदाबाद, जागरण संवाददाता: पिछले दो वर्षों से जिस स्वीमिंग पूल को खेल विभाग के अधिकारी खाली नहीं करा पा रहे थे, जिला उपायुक्त विक्रम के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही झटके में खाली करवा दिया। पूल संचालक पर खेल विभाग का लाखों रुपये बकाया है, उसके बावजूद पूल चल रहा था।

अब जिला उपायुक्त विक्रम के आदेश पर जिला खेल विभाग ने राज्य खेल परिसर के स्वीमिंग पूल पर ताला लगाकर कब्जे में ले लिया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार नेहा सहारन और बड़खल के एसडीएम पंकज सेतिया की मौजूदगी में शुक्रवार देर शाम को यह कार्रवाई हुई।

यह है मामला

जिला खेल विभाग ने वर्ष 2011 में राज्य खेल परिसर के स्वीमिंग पूल को प्रदीप बेरी को तीन वर्षों के लिए दिया था। इसके बाद जिला खेल विभाग एवं प्रदीप बेरी के बीच लिखित रूप में आल वेदर पूल सहित विभिन्न कार्य कराने को लेकर समझौता हुआ था। इसमें प्रदीप बेरी ने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था। इसकी एवज में खेल विभाग ने ठेका बढ़ा कर नौ साल कर दिया था, जो 31 मार्च 2020 में समाप्त हो गया था।

आरोप है कि इससे पूर्व ही पूल संचालक प्रदीप बेरी ने किराया देना बंद कर दिया था। खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूल संचालक प्रदीप बेरी ने 2017 से 13 अप्रैल 2021 तक पूरा किराया नहीं दिया था, जोकि एक करोड़ 84 लाख 75 हजार 800 रुपये रुपये बनता है।

इस दौरान विभिन्न जिला खेल अधिकारी बकाया वसूलने के लिए नोटिस आदि देने की बात तो कहते रहे, पर किसी ने कड़ा संज्ञान लेने की पहल नहीं की। इस तरह साल दर साल बीतते चले गए।

उपायुक्त के संज्ञान में आया मामला

जिला उपायुक्त विक्रम के संज्ञान में स्वीमिंग पूल का मामला कुछ दिन पूर्व ही आया था। उन्होंने जिला खेल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और पूरे मामले की जानकारी जुटाई और अतिरिक्त आयुक्त अपराजिता की ड्यूटी लगाई कि वह खेल विभाग और पूल संचालक के साथ बैठक करें और किराये संबंधी मामले का निपटारा करें।

अतिरिक्त आयुक्त अपराजिता ने अपनी रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को सौंप दी। इसके बाद जिला उपायुक्त विक्रम ने प्रदीप बेरी को पांच वर्ष का बकाया किराया जमा कराने अन्यथा पूल खाली करने का आदेश दिया।

उपायुक्त के कड़े रुख के बाद शुक्रवार देर शाम को पूल खाली हो गया और प्रशासन का इस पर ताला लग गया। जब इस बारे में प्रदीप बेरी से बात की गई तो उन्होंने इतना ही कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जिला उपायुक्त के आदेश पर स्वीमिंग पूल खाली कर दिया है।

इतना बकाया किराया

  • वर्ष 2017-18 की बकाया राशि 977000 रुपये
  • वर्ष 2018-19 की बकाया राशि 2724700 रुपये
  • वर्ष 2019-20 की बकाया राशि 4924700 रुपये
  • वर्ष 2020-21 की राशि (कान्ट्रेक्ट अवधि समाप्त होने के उपरांत पूल चलाने का किराया) 49,24,700 रुपये
  • वर्ष 2021-22 की राशि (कान्ट्रेक्ट अवधि समाप्त होने के उपरांत पूल चलाने का किराया) 49,24,700 रुपये

कुल लंबित किराये की राशि 1,84,75800 रुपये

इनका कहना है

अब पूल का दोबारा से टेंडर किया जाएगा या फिर खेल विभाग ही पूल चलाएगा, इसे लेकर जिला उपायुक्त विक्रम के साथ जल्द ही बैठक की जाएगी। उनके निर्देश के अनुसार कार्य किया जाएगा। -देवेंद्र गुलिया, जिला खेल अधिकारी 

Edited By: Abhishek Sharma

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