यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यमुना नदी के बढ़े जलस्तर से कई गांवों में हालात खराब, खेतों में फंसे हजारों किसान
यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण फरीदाबाद के तिगांव और चांदपुर में हालात गंभीर हो गए हैं। कई ...और पढ़ें

HighLights
- यमुना में जलस्तर बढ़ने से गांव में हालात खराब
- सरपंच ने ट्यूब से ग्रामीणों को बचाया
- राहत शिविर में किसानों के लिए व्यवस्था
जागरण संवाददाता, तिगांव (फरीदाबाद)। यमुना नदी के बढ़े हुए जलस्तर की वजह से तटवर्ती गांव में हालात खराब हो गए हैं। यहां ग्रामीणों की जमीन नदी के पार है। इसलिए अभी भी हजारों ग्रामीण अपने खेतों पर हैं। वह अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि सामान और पशु चोरी होने का डर है।
वहीं, ऐसा ही हाल चांदपुर गांव में देखने को मिला। यहां काफी ग्रामीण अपने खेतों पर फंस गए थे। चारों ओर पानी भर गया था। इसकी सूचना मिलने पर चांदपुर गांव के सरपंच सूरजपाल भूरा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर के टायर की ट्यूब की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनका सामान राहत शिविर तक लाया गया। यहां ग्राम पंचायत द्वारा इनके लिए इंतजाम किए हुए हैं।
सरपंच ने बताया कि बाढ़ में 33 किसान और यहां काम करने वाले श्रमिक फंस गए थे। इन सभी के लिए राहत शिविर में भोजन, पीने का पानी और जरूरी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था कराई, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय पर इन लोगों को मदद न मिलती तो कुछ भी हो सकता था। सरपंच ने ऐसे गांव के सरपंचों से अपील की है कि बाढ़ जैसी आपदाओं के समय तत्परता दिखाएं और हर परिस्थिति में अपने-अपने गांवों के लोगों की सुरक्षा और मदद को प्राथमिकता दें।
