फरीदाबाद [अनिल बेताब]। अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से मकान बना कर रहे खोरी बस्ती के लोगों को डबुआ कालोनी में फ्लैट दिए जाएंगे। यहां के लिए बिजली निगम से अस्थायी कनेक्शन लेकर एक फ्लैटधारक को एक बल्ब और एक पंखे की व्यवस्था कराई जाएगी। नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को डबुआ कालोनी का दौरा करके फ्लैटों की स्थिति का जायजा लिया। कई फ्लैटों के दरवाजे टूटे थे, कई जगह खिड़कियां टूटी हुई थी। नगर निगम के मुख्य अभियंता रामजी लाल, अधीक्षण अभियंता ओमबीर सिंह, एसडीओ सुरेंद्र कुमार, जेई रविंद्र कुमार और बीर सिंह ने डबुआ कालोनी का जायजा लेने के दौरान यही कुछ देखने को मिला।

दो माह पहले ढहाए थे मकान

दिल्ली-हरियाणा की फरीदाबाद सीमा के पास अरावली वन क्षेत्र में बसी खोरी बस्ती में करीब को दो महीने पहले नगर निगम ने अवैध निर्माण ढहा दिए थे। बाद में बेघर हुए लोगों के लिए सरकार ने पुनर्वास नीति के तहत मकान उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उस समय इन लोगों के लिए राधा स्वामी सत्संग घर में खाने-पीने और रहने के लिए अस्थायी इंतजाम किया था। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार खोरी बस्ती के करीब 2400 लोगों ने फ्लैट के लिए आवेदन किया था।

950 लोगों को फ्लैट देने के लिए चयनित

नगर निगम ने दस्तावेजों की जांच करके 950 लोगों को फ्लैट देने के लिए चयनित किया है। इसी बीच तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से फौरी तौर पर खोरी बस्ती के लोगों को अस्थायी आशियाना उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। निगमायुक्त यशपाल यादव के आदेश पर नगर निगम की टीम डबुआ कालोनी पहुंची थी।

डबुआ कालोनी और बापू नगर में बने हैं 2896 फ्लैट

नगर निगम की ओर से डबुआ कालोनी और बापू नगर, बल्लभगढ़ में कई वर्ष पहले गरीब रेखा से नीचे जीवनयापन करने लोगों के लिए कुल 2896 फ्लैट बनाए गए थे। इनमें से कुल 351 फ्लैट आवंटित किए गए थे। निगम के रिकार्ड के अनुसार इस समय डबुआ कालोनी में 1766 तथा बापू नगर में 779 फ्लैट खाली हैं। मौजूदा स्थिति जानने को जब निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि यहां 100 से अधिक मकानों पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है।

कब्जा कर रहने वालों को मकान खाली करने का आदेश

रामजी लाल ने बताया कि कब्जा करने वालों को मकान खाली करने को कहा गया है। रामजी लाल ने कहा कि यहां बिजली निगम से अस्थायी कनेक्शन लेकर खोरी के लोगों को बसाया जाएगा। बाकी कामों के लिए टेंडर किया जाना है। दरवाजे और खिडकियां लगवाई जाएंगी। जिन मकानों की हालत ठीक है, वह अलाट कर दिए जाएंगे। एक-दो दिन में उन लोगों को सूचना दी जाएगी, जिनके आवेदन पत्र मंजूर किए गए हैं।

Edited By: Prateek Kumar