बिजेंद्र बंसल, फरीदाबाद : प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास चौधरी हत्या पर सियासी घमासान शुक्रवार भी जारी रहा। अपनी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता की नृशंस हत्या के विरोध में एकत्र कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को काले झंडे दिखाने के लिए बीके अस्पताल से कूच भी करना चाहा मगर पुलिस ने कांग्रेसियों को रोक दिया।

मुख्यमंत्री शहर में उद्यमियों के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। यहां मनोहर लाल ने विकास चौधरी की हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की पांच टीम बना दी गई हैं। अपराधियों को कांग्रेस सरकार में संरक्षण मिलता था, उनकी सरकार दोषियों को पकड़ने में कोई कोताही नहीं करेगी। पुलिस प्रथम ²ष्टया मान रही है कि विकास की हत्या आर्थिक लेन-देन के चलते रंजिशन की गई है। इतना ही नहीं सीएम ने इस हत्या को लेकर कांग्रेसियों के विरोध पर कहा कि कोई उनकी बात को अन्यथा न ले मगर कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और प्रदेश प्रवक्ता या पदाधिकारी बनाने से पहले यह तो अवश्य देखा जाना चाहिए कि जिस व्यक्ति पर हत्या के प्रयास सहित 13 आपराधिक मुकदमें दर्ज हों, उसे इतनी जिम्मेदारी का पद कैसे दिया जाए। विकास चौधरी को पुलिस ने बैड करेक्टर (बीसी) भी घोषित किया हुआ था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर ने सीएम के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे लगता है कि इंसानियत मर चुकी है। इनके अंदर संवेदनशीलता तो थी ही नहीं। यदि संवेदनशीलता होती तो चार बार हरियाणा नहीं जलता। विकास चौधरी की हत्या के बाद से ही सोशल मीडिया पर भाजपा के कार्यकर्ता और पुलिस अधिकारी ये बातें फैला रहे थे और अब खुद सीएम ने यही बातें कहीं हैं। इससे साफ है कि ये बयान एक षड़यंत्र के तहत दिए जा रहे हैं। तंवर ने कहा कि 12 मामलों में विकास चौधरी बरी हो चुके थे। एक मामला बचा है। ये मामले तो राजनीतिक भी हो सकते हैं। सीएम हमारे नेता के चरित्र पर अंगुली उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। कांग्रेस विधायक ललित नागर ने कहा कि सीएम को अपने इस बयान के लिए फरीदाबाद की जनता से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री के लिए तो सभी लोग प्रदेश की जनता के रूप में होने चाहिए।

Posted By: Jagran

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