फरीदाबाद में बड़ी कार्रवाई: बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी से 2496 Kg विस्फोटक सामग्री बरामद, हाथरस से जुड़ा कनेक्शन
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित मुकेश कॉलोनी से क्राइम ब्रांच ने 2496 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री (2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट और 200 किलो गंधक) बरामद की है।
-1791183663461_m.webp)
2496 किलो पटाखा बनाने का सामान बरामद। जागरण
HighLights
बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी से 2496 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद।
2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट और 200 किलो गंधक जब्त।
पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, एक आरोपी गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। देश की राजधानी से सटी औद्योगिक नगरी में एक बार फिर विस्फोटक की बड़ी खेप बरामद हुई है। इस बार बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी जैसे रिहायशी क्षेत्र में 2496 किलो पटाखा बनाने का सामान बरामद हुआ है।
जानकारी के अनुसार, एक कमरे से करीब 200 किलो गंधक और 2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद हुआ है। इससे पहले बीते साल नवंबर धौज व फतेहपुर तगा में 2923 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हो चुका है। तब धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सफेदपोश आतंकियों का नेटवर्क ध्वस्त हुआ था।
-1791184003610.webp)
इसी विस्फोट से लाल किले के पास धमाका भी किया गया था। अब मुकेश कॉलोनी में पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक प्रकृति की सामग्री के अवैध भंडारण के खिलाफ क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने बड़ी कार्रवाई की है।
हाथरस से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस ने सामग्री को कब्जे में लेकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह सामग्री उत्तर प्रदेश के हाथरस से लेकर आया था। पुलिस अब सप्लाई के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 को सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।
-1791184072968.webp)
वहीं, गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुनीत निवासी मुकेश कॉलोनी, बल्लभगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर उस कमरे तक पहुंची, जहां सामग्री रखे जाने की सूचना थी। तलाशी के दौरान कमरे से करीब 200 किलो गंधक और 2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद हुआ।
कमरे में रखा मिलना जांच का अहम बिंदु
पुलिस के मुताबिक, दोनों रसायनों का इस्तेमाल पटाखे बनाने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री का कमरे में रखा मिलना जांच का अहम बिंदु है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामग्री किस उद्देश्य से मंगाई गई थी और इसे आगे किसे दिया जाना था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वहीं, बड़ा सवाल यह भी है कि रिहायशी क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कैसे आ गया। यदि यहां विस्फोट हो जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि दिवाली के चलते इस तरह की विस्फोटक सामग्री लोग एकत्रित करने में लगे हुए हैं।
