जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आर.सी.लाहोटी ने विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए लाइब्रेरी में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी ही ऐसा स्थान है जहां ज्ञान का खजाना प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि देश में डॉक्टर और वकील ही ऐसे व्यक्तित्व हैं जो समाज के उत्थान व उसकी सेवा में अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे में लॉ के विद्यार्थियों को शुरू से ही इस भावना को केंद्र में रख कर आगे बढ़ना है।

जस्टिस लाहौटी मानव रचना यूनिवर्सिटी में अपने पिता की स्मृति में स्थापित रतन लाल लाहोटी मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। जस्टिस लाहोटी ने अपने पिता की याद में इस लाइब्रेरी को गोद लिया है और इस लाइब्रेरी में सैकड़ों किताबें छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए दी है। लाइब्रेरी में ऑफलाइन से लेकर ऑनलाइन हर तरह की सुविधाएं मौजूद हैं।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह मानव रचना यूनिवर्सिटी में कई कारणों से आए हैं। इस सोच के पीछे के नाम डॉ.ओपी भल्ला को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान अपने नाम की तरह मानव की रचना करने में जुटा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव रचना शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डॉ.प्रशांत भल्ला ने की। इस मौके पर मानव रचना यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लॉ के सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक भी हुई।

जस्टिस लाहोटी ने बताया कि अकेडमिक, व्यवहार व अतिरिक्त रूचिकर गतिविधियों के आधार पर स्टूडेंट ऑफ द इयर का चयन किया जाएगा, जिसको गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा।

इस मौके पर एमआर शिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ.अमित भल्ला, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ.संजय श्रीवास्तव व बोर्ड के सदस्य जस्टिस राजीव भल्ला, र¨वद्र श्रीवास्तव, गौरव बनर्जी, अशोक गुप्ता, विनय भसीन, संजीव शर्मा, सुधीर शर्मा, अनूप त्रेहान व आयकर विभाग के पूव्र मुख्य आयुक्त आरके बजाज मौजूद थे।

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