जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : कांत एन्क्लेव मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इसमें नगर योजनाकार विभाग द्वारा दी गई मूल्यांकन समीक्षा रिपोर्ट को माना गया। रिपोर्ट में कांत एन्क्लेव में 44 निर्माणों के लिए कुल मुआवजा राशि 16.41 करोड़ रुपये तय की गई है जबकि योजनाकार विभाग पहले ही 16.50 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा कर चुका है। इस दौरान मौके पर नगर योजनाकार विभाग के अधिकारी सहित काफी स्थानीय लोग मौजूद थे। वरिष्ठ नगर योजनाकार संजीव मान के अनुसार इस मामले में अगली सुनवाई फरवरी में है। कोर्ट के समक्ष स्थानीय लोगों ने निर्माण हटाने के लिए समय सीमा 31 मार्च से आगे बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा जिसे जितना समय चाहिए वह ले सकता है, पर शपथ पत्र भी देना होगा। कोर्ट ने 31 जुलाई को निर्माण खाली करने की अंतिम तिथि तय की। कोर्ट ने कहा बिल्डर निर्माण मालिकों को एक माह में प्लॉट का पैसा 18 फीसद सालाना ब्याज दर के साथ लौटाएगा। साथ ही कहा यदि किसी को मुआवजा राशि कम लगती है तो वह सिविल कोर्ट जा सकते हैं। इस मामले में पूरी शासन-प्रशासन की गलती रही है और सजा हमें भुगतनी पड़ रही है। अब सरकार को यह जमीन नए एक्ट से अधिग्रहण करनी चाहिए। केवल 18 फीसद सालाना ब्याज दर से प्लॉट की राशि देने से बात नहीं बनेगी। यह राशि काफी कम है। लोग यहां 20-22 साल पहले निवेश कर चुके हैं। हमारे साथ अन्याय हो रहा है। हम रोड पर आ जाएंगे। सरकार आगे आए और अपनी गलती मानें। हमने रजिस्ट्री कराई हैं, नक्शे पास कराए हैं। हमें राहत मिलनी चाहिए। जल्द बैठक कर रणनीति तय करेंगे।

-एमबी आनंद, प्रधान, प्लॉट होल्डर एसोसिएशन, कांत एन्क्लेव।

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