जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : कांत एन्क्लेव में अवैध निर्माण गिराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब स्थानीय लोग कानूनविदों से राय ले रहे हैं। कुछ प्रभावित लोगों ने बुधवार को ऐसे काफी केस स्टडी किए हैं जिनमें इस तरह की परिस्थितयां बन चुकी हों और उसमें राहत मिली हो। बुधवार को यहां रहने वाले लोगों ने आपस में बैठकें भी की और आगे की रणनीति बनाने पर चर्चा की।

उधर, अब जिला नगर योजनाकार विभाग अपनी योजना बनाने में जुट गया है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति हाथ में आने का इंतजार है। अब मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि 1992 के बाद कौन-कौन से निर्माण हुए हैं। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के बाद बने निर्माणों को तोड़ने का आदेश दिया है। इस पर सरकार को 31 दिसंबर तक अमल करने के लिए कहा है।

आलीशन कोठियों पर लगे हैं ताले

कांत एन्क्लेव में कई ऐसी कोठियां भी हैं जिन पर ताले लगे हुए हैं। ऐसों के बारे में बताया जा रहा है कि कुछ लोग तो विदेश में हैं और कुछ यहां से कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि कई मकानों में 1 करोड़ रुपये से अधिक लागत लगाई हुई है। ऐसे में उन पर तो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ेगा। हम सभी परेशान हैं। बुधवार से यहां प्लॉट लेने वाले सभी लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जल्द बड़े स्तर पर बैठक होगी। इसमें रणनीति तय की जाएगी।

-अनुराग मारवाह, स्थानीय निवासी। -हमारे पास अभी किसी प्रकार के आदेश सरकार की ओर से नहीं आए हैं। जैसे आदेश आएंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।

-संजीव मान, जिला नगर योजनाकार। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने यह आदेश दिए हैं। पीड़ितों के पास फिलहाल यही विकल्प है कि वो पुर्निवचार याचिका दायर कर सकते हैं।

-ओपी शर्मा, एडवोकेट, जिला बार एसोसिएशन।

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