फरीदाबाद [हरेंद्र नागर]। कहा जाता है कि देशभर में होने वाले 80 फीसद साइबर ठगी के मामले किसी ना किसी रूप में झारखंड के जामताड़ा से जुड़ते हैं। पलवल का घाघौट गांव भी जामताड़ा बनने की राह पर है। एटीएम के अंदर मदद के बहाने लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर खाता साफ करने के मामले में बदनाम हो रहा है। गांव में युवकों के सात-आठ गिरोह सक्रिय हैं। जो देशभर में वारदात करते हैं। देश के विभिन्न राज्यों में घाघौट के 50 से अधिक युवा गिरफ्तार हो चुके हैं।

हाल ही में राजस्थान पुलिस ने इस गांव निवासी जॉनी बावरिया नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। वह भी लंबे समय से अपने गिरोह के साथ एटीएम ठगी में सक्रिय था। फरीदाबाद पुलिस भी तीन साल के अंदर घाघौट गांव के 10 से अधिक युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली पुलिस भी लगातार इस गांव के युवकों को गिरफ्तार करती है। बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमले भी हो चुके हैं।

ये है इनका वापसी का रूट

वापसी में वह उदयपुर, भीलवाडा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर होते वापस लौटेगी। दूसरी टीम मथुरा, भरतपुर, आगरा होकर पश्चिमी बंगाल तक जाकर वारदात करेगी। ठगी के लिए हर बार गांव से नई टीम बनती है। वारदात में चाचा-मामा सहित अन्य रिश्तेदारों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है। वारदात करने के लिए एक रूट 10 दिन का बनाया जाता है। महीने में 10-10 दिन के दो रूट तय करते है। बीच में 10 दिन घर पर आराम करते हैं। बदमाश अपने पास अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड़ भी रखते है।

डीसीपी क्राइम मकसूद अहमद ने बताया कि घाघौट गांव के बदमाशों को हमारी टीमें लगातार गिरफ्तार करती रही है। फिलहाल जिले में एटीएम में डेबिट कार्ड बदलकर होने वाली वारदातों पर अंकुश है। क्राइम ब्रांच की टीम पिछली वारदातों को सुलझाने के प्रयास में भी जुटी हैं।

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Edited By: Mangal Yadav