जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : साइबर ठग अब सतर्कता(बूस्टर)डोज अभियान के जरिए भी लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग लोगों को फोन कर कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट से बचाव के लिए टीके की सतर्कता डोज लगवाने के लिए पंजीकरण कराने को कहते हैं। इसके लिए मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आता है और ठग चार अंकों वाला ओटीपी नंबर पूछते हैं। जो व्यक्ति यह ओटीपी बता देता है या ईमेल पर भेजे गए लिक पर क्लिक करता है, उसके खाते से रुपये निकल जाते हैं। जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव ने लोगों से अपील की है और सावधान करते हुए कहा कि

हालांकि अभी तक अपने जिले में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। फोन करने वाले खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताते हैं और पूछते हैं कि उन्हें दोनों डोज लग चुकी हैं, सतर्कता डोज लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी है। जैसे ही सामने वाला पंजीकरण के लिए तैयार होता है, साइबर ठगों का खेल शुरू हो जाता है। मोबाइल पर साइबर क्राइम करने वालों की तरफ से ओटीपी भेजा जाता है। तत्काल इस ओटीपी को जानने के लिए उधर से कहा जाता है कि आप का रजिस्ट्रेशन हो गया है ओटीपी बताएं। ओटीपी बताते ही खाते से पैसे गायब कर दिए जाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सतर्कता डोज के लिए कोई काल नहीं की जा रही है और न ही ईमेल भेजी जा रही है। सभी लोग ऐसी काल या मेल से सावधान रहें। किसी अन्जान मेल से भेजे गए लिक पर क्लिक न करें।

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