सुभाष डागर, बल्लभगढ़ : अकसर हम सभी घर-गृहस्थी में उलझे रहते हैं। समाजसेवा के रूप में कुछ ही लोग आगे आते हैं। यदि समाजसेवा शोषण के खिलाफ हो तो काफी अहम हो जाती है। बल्लभगढ़ निवासी अंबिका शर्मा ऐसी शख्सियत हैं जो शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं। उनके इसी संघर्ष को इंडिया ग्लोरी बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है।

अंबिका शर्मा ने राष्ट्रीय महिला जागृति मंच नामक संस्था बनाई हुई है। संस्था के माध्यम से वे प्रदेश के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों में भी अपनी टीम के माध्यम से महिलाओं के शोषण, बाल शोषण और यौन शोषण से पीड़ित लोगों के उत्थान के लिए काम करती हैं। अंबिका शर्मा बताती है कि वे पिछले पांच वर्ष से महिलाओं पर होने वाले अत्याचार एवं शोषण, बाल शोषण को लेकर काम कर रही हैं। संस्था की शुरुआत फरीदाबाद से की है। अब कई प्रदेशों में टीमें काम कर रही हैं। वे महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करती हैं। दो महीने पहले इंडिया ग्लोरी बुक ऑफ रिकॉर्ड के सदस्यों ने उनसे संपर्क कर, संगठन की तमाम जानकारी ली। बाद में उन्हें इस प्रमाण पत्र के लिए नामित किया। उन्हें नौ जनवरी को इंडिया ग्लोरी बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरफ से प्रमाण पत्र और पदक दिए गए हैं। अंबिका शर्मा बताती हैं कि समाजसेवा किसी भी रूप में की जा सकती है। मै चाहती हूं कि गृहस्थ जीवन से हटकर ऐसा किया जाए, जिससे शोषण का शिकार लोगों को राहत मिल सके। कई साल पहले इस तरह के संघर्ष के बारे में सोचा था, बस इसी को धरातल पर उतार रही हूं। कोशिश रहेगी कि जब तक जिदगी है, इसी तरह काम करती रहूं।

Posted By: Jagran

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