जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : स्वच्छता में मिसाल बना फरीदपुर गांव अब दूसरों जिलों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। गांव की साफ-सुथरी गलियों सहित अनेक प्रयोग ग्रामीणों के प्रयास खुद बयां कर रहे हैं। सोमवार को गांव में स्वच्छता देखने के लिए रोहतक के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से एक टीम आई। जब उन्होंने पूरे गांव का निरीक्षण किया तो दंग रह गए। अब वह अपने जिले के गांवों में भी इस तरह के प्रयोग शुरू करने के दावे कर रहे हैं।

गांव में ठोस कचरा प्रबंधन यूनिट देखने लायक है। गांव फरीदपुर में डेढ़ साल से ठोस कचरा प्रबंधन यूनिट काम कर रही है। यहां घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई है। कचरे की छंटनी की जाती है फिर खाद बना कर उसे खेती व बागवानी में इस्तेमाल किया जाता है। जिस कचरे की खाद नहीं बन सकती उसे बेचकर पंचायत आमदनी करती है।

हेलमेट, बर्तन व पुरानी बोतल में उगाए पौधे

स्वच्छता को लेकर ग्राम पंचायत इतनी सक्रिय हुई कि पुरानी बोतल, टूटे हेलमेट और बर्तनों में ही पौधे उगाए जा रहे हैं। इन्हें जगह-जगह दीवारों पर लगाया हुआ है जो बेहद आकर्षित लगते हैं। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी उपेंद्र ¨सह व गांव की सरपंच सविता ने रोहतक से आई टीम को गांव का दौरा कराया। फरीदपुर की तरह जिले में कई और गांव इस तरह की पहल कर रहे हैं। रोहतक में स्वच्छ भारत अभियान के असिस्टेट कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार, ब्लॉक कॉर्डिनेटर मनीषा मलिक, सुखवीर ¨सह व विनय कुमार शामिल थे।

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