जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद के गांव बड़ौली में रविवार को किसानों ने बैठक की। इसकी अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति ग्रेटर फरीदाबाद के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने की। बैठक के आयोजक ब्लाक समिति सदस्य सतपाल चंदीला थे। इस दौरान शिवदत्त वशिष्ठ ने किसानों को बताया कि बढ़े हुए मुआवजे को लेकर किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में जो पुनर्विचार याचिका डाली हुई है, उस पर 27 जनवरी को सुनवाई है। बड़ौली गांव के किसानों का मुआवजा घटाने के खिलाफ किसानों ने सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका दायर की हुई है। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने उनकी जमीन का मुआवजा 1229 प्रति वर्गगज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह मुआवजा घटाकर 645 रुपये प्रति वर्गगज कर दिया। इस आदेश से किसानों को झटका लगा है। मुआवजा बढ़वाने के लिए किसान डेढ़ दशक से संघर्ष कर रहे हैं।

किसान नेता रणबीर चंदीला ने कहा कि नहरपार के पांच गांव की जमीन अधिग्रहण का 10 मई 2006 को नोटिफिकेशन हुआ था। इन गांव की जमीन सेक्टर-75/80 के लिए 16 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अधिगृहित की गई थी। इससे किसान संतुष्ट नहीं हुए और हाई कोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ा दिया था। किसान और मुआवजा बढ़वाने के लिए सुप्रीम कोर्ट चले गए। कोर्ट ने गांव सिही का मुआवजा तो बढ़ा दिया, पर चार गांव बड़ौली, प्रहलादपुर, मिर्जापुर, भतौला का मुआवजा काफी कम कर दिया। किसान नेता निरंजन नंबरदार ने कहा कि उन्हें अब पुनर्विचार याचिका से काफी उम्मीद है। बैठक में नरेंद्र चंदीला, एदल सिंह, हर्ष वशिष्ठ, पूर्व सरपंच राजवीर, सतबीर मास्टर, मस्तु ठेकेदार, सुखवीर, महेंद्र, हरी राम, दुलीचन्द, ओमप्रकाश, सुनील, ब्रह्म किशोर ने भी अपना मत रखा।

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