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फरीदाबाद में जल संकट का होगा समाधान! यमुना बाढ़ क्षेत्र में 15 एकड़ का जलाशय, 40 करोड़ लीटर भूजल होगा रिचार्ज

Published: Sun, 30 Aug 2026 03:45 PM (IST)

फरीदाबाद में यमुना बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ में जलाशय बन रहा है, जिससे 30-40 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होगा। ...और पढ़ें

यमुना नदी किनारे चांदपुर गांव में बन रहे तालाब का निरीक्षण करते हुए अधिकारी। सौ- प्राधिकरण

यमुना नदी किनारे चांदपुर गांव में बन रहे तालाब का निरीक्षण करते हुए अधिकारी। सौ- प्राधिकरण

HighLights

  1. यमुना बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ में बन रहा जलाशय।

  2. जलाशय से 30-40 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होगा।

  3. पांच रेनीवेल से 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल मिलेगा।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। यमुना के बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ में जलाशय तैयार किए जाएंगे। जिससे 30 से 40 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होगा।

फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने गांव चांदपुर में प्रस्तावित जलाशय और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन पांच रेनीवेल का निरीक्षण किया।

भूजल स्तर को रिचार्ज करना लक्ष्य

बता दें कि गांव चांदपुर में 15.29 एकड़ भूमि पर जलाशय के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य यमुना के बाढ़ क्षेत्र में वर्षा एवं बाढ़ के अतिरिक्त पानी को संग्रहित कर भूजल स्तर को रिचार्ज करना है।

परियोजना के तहत करीब तीन लाख घन मीटर अतिरिक्त मिट्टी की खुदाई कर जलाशय तैयार किया जा रहा है। मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त बाढ़ के पानी को इस जलाशय में संग्रहित किया जाएगा।

जलाशय के प्रत्येक बार पूरी तरह भरने पर लगभग 30 से 40 करोड़ लीटरa पानी भूजल में रिचार्ज होने की संभावना है। इससे बाढ़ क्षेत्र में मौजूद जलभृत (एक्विफ़र) की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पांच रेनीवेल से 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने फरीदाबाद की पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए निर्माणाधीन पांच रेनीवेल, मुख्य बूस्टिंग स्टेशन और कनेक्टिंग पाइपलाइन के कार्य का भी निरीक्षण किया।

यह परियोजना फरीदाबाद की जलापूर्ति बढ़ाने की योजना के तहत बादशाह, तिगांव और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगी। प्रत्येक रैनी वेल की क्षमता 10 एमएलडी होगी, जिससे कुल 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

जून 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य

करीब 96.50 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि वाली इस परियोजना का कार्य 17 मार्च 2024 को शुरू हुआ था और इसे 15 जून 2027 तक पूरा किया जाना निर्धारित है। परियोजना से ग्रीन फील्ड कालोनी, चार्मवुड, एनआइटी, सेक्टर-21सी, सेक्टर-45, सेक्टर-46 सहित अन्य क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

विशेष रूप से बादशाह और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों के टेल-एंड इलाकों में रहने वाली करीब 2 से 3 लाख की आबादी को गर्मियों के दौरान होने वाली पेयजल किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान चीफ इंजीनियर विशाल बंसल, कार्यकारी अभियंता ओमदत्त और प्रोटोकाल आफिसर राजवीर सिंह भी मौजूद रहे।

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