सुभाष डागर, बल्लभगढ़ : बृहस्पतिवार रात के 9.52 बज चुके हैं। ठंड जोर पकड़ रही है। बस अड्डे के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग पुल के नीचे नगर निगम द्वारा रैन बसेरा बनाया गया है। रैन बसेरा में रात को कितने लोग रात बिताने के लिए ठहरे हुए हैं, ये देखने के लिए दैनिक जागरण की टीम यहां पर पहुंची।

रैन बसेरा के अंदर लाइट जली हुई है और एक बुजुर्ग व्यक्ति रजाई में सोया हुआ है। सोए हुए व्यक्ति से उसका परिचय पूछा, तो उसने अपना नाम बादशाह बताया। वह फर्रुखाबाद कासगंज उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वे तीन दिन पहले ही शहर में काम-काज के लिए आए हैं। उनका शहर में ठहरने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। उनके साथी बिछुड़ गए हैं। वे पुल के नीचे खुले में लेटे हुए थे। रैन बसेरा में नगर निगम की तरफ से ड्यूटी पर तैनात नलकूप ऑपरेटर महेंद्र सिंह उन्हें उठाकर अंदर ले गए और रजाई में सुला दिया। महेंद्र बताते हैं कि ऐसे ही दो-तीन लोग मेट्रो स्टेशन के नीचे से जाने वाली राजमार्ग की लेन पर दीवार के साथ लेटे हुए हैं। दो बार उन्हें रैन बसेरा में लाने के लिए गए, लेकिन वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। बुधवार की रात को ऐसे ही भीख मांगने वाले एक बुजुर्ग की सर्दी लगने से मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में फिलहाल परिचय दस्तावेज देखने के बाद ही नगर निगम की तरफ से ठहरने की अनुमति देते हैं। बिना किसी दस्तावेज के रैन बसेरा में ठहराने के लिए नगर निगम के कार्यकारी अभियंता रवि शर्मा जल्दी ही एसडीएम से बातचीत करेंगे। तब ऐसे लोगों ठहराया जाएगा।

Posted By: Jagran

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