स्थानीय निवासियों ने कहा कि सोसायटी में 1400 से अधिक फ्लैट हैं। फ्लैट्स की कीमत 60 लाख से एक करोड़ तक है। लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। बिल्डर की मनमानी बढ़ती जा रही है। सोसायटी में नौ साल बाद भी बिजली का आधारभूत ढांचा तैयार नहीं कराया गया है, जिससे बिजली कटौती की समस्या रहती है।
बिल्डर ने शुक्रवार को अचानक डीजी का रेट 38 से बढ़ाकर 45 रुपये कर दिया है। साथ ही कैम 2.95 से बढ़ाकर 3.20 रुपये (स्क्वायर फीट) कर दिया। यानी दो बीएचके फ्लैट का मेंटेनेंस शुल्क 3600 से बढ़ाकर चार हजार रुपये हो गया। लोगों के अनुसार डीजल का रेट बढ़ने का हवाला देते हुए बिल्डर ने रेट बढ़ाया है। बिल्डर पीएनजी कनेक्शन करने की बजाय निवासियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था लचर, वाहनों से चोरी हो जाता है तेल
निवासियों ने बताया कि सोसायटी में अक्सर लिफ्ट बंद होने की समस्या रहती है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा के नाम पर एक या दो सुरक्षाकर्मी ही बैठे रहते हैं, जो किसी भी अज्ञात वाहन को बिना पूछताछ किए प्रवेश दे देते हैं। इससे सोसायटी में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों से तेल तक चोरी हो जाता है। कई वाहन चोरी होने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
निवासियों ने कहा कि कोर्ट की ओर से सोसायटी को हैंडओवर करने के आदेश दिए हैं, लेकिन बिल्डर ने सोसायटी हैंडओवर करने की बजाय आरडब्ल्यूए के खिलाफ ही केस कर दिया है। प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और लोगों को शांत कराया। साथ ही बिल्डर पक्ष को भी बुलाया गया।
प्रदर्शन देख बैकफुट पर आया बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी
निवासियों ने बताया कि मामले को तूल पकड़ते देख बिल्डर की मेंटेनेंस एजेंसी के इंचार्ज मुकेश शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया है कि रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। भविष्य में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी करने से पहले निवासियों और आरडब्ल्यूए से चर्चा की जाएगी।