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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भूजल स्तर सुधारने में निगम की मदद करेगा एमआर संस्थान

By JagranEdited By:
Published: Wed, 15 May 2019 08:36 PM (IST)Updated: Thu, 16 May 2019 08:20 AM (IST)

शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मानव रचना शिक्षण संस्थान नगर निगम की मदद करेगा।

भूजल स्तर सुधारने में निगम की मदद करेगा एमआर संस्थान
भूजल स्तर सुधारने में निगम की मदद करेगा एमआर संस्थान

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अब नगर निगम और मानव रचना शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे।

जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए अब मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज के सेंटर फॉर एडवांस वॉटर टेक्नॉलोजी एंड मैनेजमेंट के छात्र अहम भूमिका निभाएंगे। इस सेंटर की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है।

अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो शहरवासियों को जलभराव से छुटकारा मिल जाएगा, तो भूजल स्तर में भी सुधार होगा। निगमायुक्त अनीता यादव की ओर से इस प्रोजेक्ट पर सहमति बनने के बाद सेंटर फॉर एडवांस वॉटर टेक्नॉलोजी एंड मैनेजमेंट की ओर से रिसर्च वर्क शुरू किया जाएगा।

बता दें कि शहर में जलभराव की बड़ी समस्या है। कई जगह निकासी का इंतजाम नहीं है। प्रमुख चौक-चौराहोंपर भी जरा सी बारिश के बाद जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। इसका मुख्य कारण बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था न होना है। ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, बड़खल क्षेत्र में कई जगह जलभराव होता है। ऐसे ही सेक्टर 15,16, 17, 18, 19 में भी जलभराव हो जाता है। एनआइटी की कई कॉलोनियों में जलभराव परेशानी का कारण बन जाता है। भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है। इस स्थिति में सुधार के लिए ही नगर निगम और मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज बेहतर करने की तैयारी में है। नगर निगम मानव रचना संस्थान के छात्रों को रिसर्च के लिए पूरा सहयोग करेगा। यह अच्छी बात है कि मानव रचना अपने शहर के लिए आगे आया है। रिसर्च के लिए बजट के मुद्दे पर निगमायुक्त की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा।

-डीआर भास्कर, मुख्य अभियंता, नगर निगम। भू-जल का स्तर सुधारना वक्त की मांग है और इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे। मानव रचना ने हमेशा समाज के हितों को सर्वोपरि रखा है। छात्रों ने रिसर्च के लिए प्लान तैयार किया है। इसके तहत जलभराव वाले क्षेत्रों का ब्यौरा तैयार किया जाएगा। उन क्षेत्रों का चयन किया जाएगा, जहां रेनवॉटर हारवेस्टिग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे बरसात का पानी सीधे जमीन में चला जाएगा। इससे भूजल स्तर की स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी।

-डॉ.प्रशांत भल्ला, अध्यक्ष, मानव रचना शिक्षण संस्थान